secculents plants care |secculents plant care in hindi

सेकुलेंट्स ( secculents ) प्लांट देखते ही मन मचल उठता है .वो इतने प्यारे लगते है .हम खुद को रोक नहीं पाते उनको खरीदने से .पर लाने के बाद एक से दो महीने में वो मर जाते है तो बहुत बुरा लगता एक तो ये बहुत महंगे आते है दुसरे इतने देखभाल करने के बाद भी ये खराब हो जाते हैं बहुत बुरा लगता है . सेकुलेंट्स ( secculents क्यों मरते हैं और इनको क्या देखभाल चाहिए इसकी पूरी जानकारी इस आर्टिकल में देगे हम .

सेकुलेंट्स ( secculents )किन पौधों को कहते है ?

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सेकुलेंट का मतलब ही है रसीला मोटे, मांसल पौधे . जो शुष्क जलवायु या सूखी मिट्टी की स्थिति में जीवित रहने के लिए पानी को स्टोर करने के लिए विकसित हुए हैं। सेकुलेंट पौधों के अंदर जेल होता है पानी होता है मोटे गूदेदार होता है जहा पर पानी कम होता है वहां इस तरह के पौधे विकसित होते है उन सूखी जगहों पर रहने के लिए ये पौधे अपने आपको बेहतर बनाते है . सेकुलेंट vaxcoated होते है . उनकी पत्तियां नोर्मल पत्तियों की तरह नहीं होती है वो इस तरह से विकसित होती है की ,जब सुखा हो मौसम तो पानी का वाष्पीकरण जल्दी न हो उनकी पत्तियां evopration को कम करने में मद्दद करती है जब बहुत ज्यादा गर्मी होती है तब पौधे के अंदर पानी को बचाने में मदद करता है अक्सर पानी पत्तियों में जमा हो जाता है, जिससे जिसकी वजह से पौधे खुबसूरत लगते हैं ।

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सेकुलेंट्स ( secculents ) के प्रकार

सेकुलेंट्स (seculents ) की देखभाल कैसे करें उसके पहले ये जानना जरुरी है की आपके पास कौन से सेकुलेंट है

सेकुलेंट भी दो तरह के होते है

leaf curl causes and treatment

1) एक है गर्मी और सूखे जगह वाले सेकुलेंट .

2) दूसरा है ठंडी और सूखे जगह वाला सेकुलेंट जैसे लेह लद्दाख एक ठंडा और सुखा जगह है .

15 fruit plant in pot

कुछ ऐसे सेकुलेंट है जो सूखी गरम जगहों पर उगते है और कुछ ऐसे सेकुलेंट है जो सूखी ठन्डे जगहों पर उगते है.परन्तु धुप सभी सेकुलेंट को पसंद है पर तापमान अलग अलग सेकुलेंट को अलग अलग चाहिए होती.

सूखे और अगरम जगहों वाले सेकुलेंट में एलोवेरा और कुछ तरह के कैक्टस आते हौं

और ठन्डे जगहों के सेकुलेंट्स ( secculents ) Echeveria sedum string of pearl string of bnana howarthia है

सेकुलेंट्स (seculents ) की देखभाल

hanging basket flower plant

पानी

सभी सेकुलेंट्स (seculents ) की सबसे महत्वपूर्ण देखभाल है पानी सेकुलेंट्स बहुत पानी पसंद नही करते तो पहला कारन है ज्यादा पानी देना सेकुलेंट्स ( secculents ) को मार देता है .अगर गमले में पानी इकठ्ठा हो रहा है तो भी पानी ज्यादा होने की वजह से पौधा मर जायेगा इसलिए पानी का विशेष ध्यान दें .जब मिटटी की उपरी सतह सुख जाए तभी पानी दें .या फिर हफ्ते में एक बार पानी दें . सेकुलेंट्स (seculents ) में पानी कम या ज्यादा होने पर ये खराब हो जाते हैं

मिटटी

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सेकुलेंट्स ( secculents ) के लिए मिटटी बनाते वक़्मित ये ध्टयान रखना बहुत जरुरी है की मिटटी एकदम मुलायम और हलकी बने .मिटटी ऐसे होनी चाहिए जिससे पानी न रुके . आप मिटटी में बालू कोकोपीट पर्लाईट धान की भूसी कुछ भी उपयोग कर सकते है चाहे जो उपयोग करे पानी खड़ा नही होना चाहिए गमले में.

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सेकुलेंट्स ( secculents ) के लिए मिटटी का मिश्रण बनाने की विधि

सेकुलेंट्स ( secculents ) के लिए मिटटी कुछ इस तरह से बनाई जा सकती है 50% बालू 20 % कोकोपीट 20 % लीफ मोल्ड कम्पोस्ट 10 % पर्लाइट 10 % धान की भूषि आप चाहे तो कोकोपात की जगह सिर्फ धन की भूषि का भी इस्तेमाल कर सकते है अगर आपके पास है तो लकड़ी का चारकोल के छोटे छोटे टुकड़े मिला सकते है इससे फंगस की समस्या नही होगी , 10 % नीम की खली का पाउडर अगर उपलब्ध हो तो उपयोग कर सकते है

तापमान

तापमान भी एक बहुत बड़ा कारण है इंडिया में सेकुलेंट्स (seculents ) plants के मरने का .जो सेकुलेंट्स ( secculents ) प्लांट गरम सूखी जगह के है वो तो बहुत अच्छी तरह चलते हैं पर जो पौधे ठंडी और सूखी जगह के है उनको गर्मियों में बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है .ठंडी जगहों के सेकुलेंट्स (seculents ) ज्यादा से ज्यादा 25 या 30 तक ही तापमान बर्दास्त कर पाते हैं ,और भारत में तापमान 40 तक चला जाता और सेकुलेंट्स ( secculents ) मरने लगते हैं .

पर्याप्त धूप दें ।

सेकुलेंट्स (seculents ) को पर्याप्त प्रकाश की आवश्यकता होती है – प्रति दिन कम से कम छह घंटे पूर्ण सूर्य। यदि आप बाहर सेकुलेंट्स ( secculents ) को रखते हैं, तो यह काफी आसान हो सकता है। हालाँकि, यदि आपके पास एक इनडोर सेकुलेंट्स ( secculents ) है, तो आपको इसे एक खिड़की में धूप में रखना होगा। प्रकाश हर पौधे के लिए जरुरी है .पर ज्यादातर सेकुलेंट्स (seculents ) को धुप में रखना ही अच्छा होता है ,परन्तु भारत में गर्मी के दिनों में उसे 1 से 2 घंटे की सुबह की धुप ही लगने दे .

कब लगायें सेकुलेंट्स (secculents )

अगर आप नए नए है बागवानी में विशेषतौर पर सेकुलेंट्स (seculents ) के लिए तो है तो बारिश के मौसम में पौधे ले सकते है पर उन्हें अंदर रखना पड़ेगा बारिश से बचाने के लिए . सेकुलेंट्स (seculents ) पानी ज्यादा होने की वजह से खराब हो सकते है पर बारिश में तापमान कम हो जाता है तो आप उसे ऐसे जगह रखें जहा उसपर बारिश न हो.ठंडी का मौसम सबसे अच्छा होता है इनको लगाने का ।

कैसे सेकुलेंट्स (seculents ) के नए पौधे बनाये (

छोटे छोटे बेबी plants से (pup propogation )

बहुत से सेकुलेंट्स में छोटे छोटे बेबी प्लांट निकलते है उनसे नए पौधे बनाये जा सकते है .

लीफ propogation(leaf propogation)

कुछ सेकुलेंट्स ऐसे होते हैं जिनको पत्तियों से लगाया जा सकता है।बस पत्तियों को मिट्टी पर रेत पर या कोकोपीट पर रख दे और नमी बनाए रखें तो पत्तियां नए पौधे को जन्म दे देई हैं।

बीज (seeds)

कुछ सेकुलेंट्स में फूल खिलते हैं उनमे बिज बनते है इसलिए उन्हें बिज से भी उगाया जा सकता है

क्या सेकुलेंट्स ( secculents )को धुप जरूरी है ?

yes हा secculents को धुप जरूरी है तभी उनकी खूबसूरती बनी रहेगी और वो लम्बे समय तक बने रहेगे .

secculents को कितने घंटे की धुप जरुरी है ?

3 से 4 घंटे की धुप secculents के लिए जरुरी है .

secculents क्यों मर जाते है ?

secculents के मरने के कई कारण हो सकते है पर ज्यादातर secculents ज्यादा पानी और तापमान का उनक हिसाब का न होना उससे मर जाते हैं .

क्या succulents को घर के अंदर ( indoor ) रख सकते हैं ?

जब succulents घर के अंदर होते हैं तो अक्सर उनके लिए पर्याप्त धूप प्राप्त करना कठिन होता है।इनको ६ घंटे की धुप चाहिए होती है हालाँकि आप इसे ऐसे खिड़की के पास रखे जहा तेज रौशनी आती हो वहा भी ये चल जायेगे पर हफ्ते में एक या दो बार आपको इनको धुप दिखानी होगी

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