31 Laung health benefits

लौंग हमारे खाने का स्‍वाद और खुशबू तो बढ़ाता ही है साथ में यह सेहत के लिए भी गुणकारी है. इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटीबैक्‍टीरियल तत्‍व हमारे सेहत के लिए बहुत उपयोगी होते है

  1. लौंग क्या है? (what is clove[ laung])
  2. लौंग की प्रकृती(nature of clove[ laung] )
  3. लौंग के विशेष औषधीय गुण(herbal benefits of [ laung] )
  4. लौंग के स्वास्थ्य लाभ – Benefits of Clove in Hindi
  5. लौंग के पौष्टिक तत्व – Nutritional Value of Clove in Hindi
  6. लौंग का उपयोग – How to Use Clove in Hindi

लौंग क्या है?

लौंग भारतीय मासालों में बहुतायत से उपयोग होता है यह भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है भारत में सबके घर में लौंग तो पाया ही जाता है. लौंग का वृक्ष होता है इसपर फूल आते है और जब उन फूलों की कालिया सूख जाती है तो वो लवंग के नाम से जाना जाता है.लवंग न सिर्फ मसालों बल्कि हमारे घर में स्वस्थ्य की दृष्टि से भी बहुत उपयोगी होता है . आगे आर्टिकल में हम इसकी प्रकृति और फायदे सबके बारे में विस्तार से जानेगे .

लौंग की प्रकृती

बहुत लोगो को ये भ्रम है की लौंग गरम होती है जबकि लौंग की प्रकृति ठंडी है .लवंग खाने पर जीभ पर हमे तीखापन महसूस होता है तो लोगो को लगता है यह गरम प्रकृति की है पर वो इसका तीछ्ण गुण की वजह से है यह लधु और स्निग्ध और तीछ्ण तीनो गुणों का संयोग है अयुर्वाद के भाव प्रभाव संघिता में लिखा गया है की लौंग प्रकृति में ठंडा है यह तीछ्ण गुण का है पर इसकी प्रकृति ठंडी होती है इसका रस कटु प्रधान तिक्त है यह प्रकृति में तीखा और कडवा है इसकी वजह से यह कफ और पित्त दोनों पर अच्छा काम करेगा .तीखा कफ को कम करेगा कडवा है तो पित्त पर काम करेगा

लौंग के विशेष औषधीय गुण

ज्यादातर आजकल की बीमारियाँ कफ और पित्त की है .और लौंग इन दोनों में बहुत अच्छा माना जाता है ।

(1) जीवनशैली लाइफस्टाइल से सम्बंधित बिमारियों में लाभ :(life style related diseases )

ज्यादातर बीमारियाँ आजके समय में lifeस्टाइल से सम्बन्धित है .फ़ास्ट फ़ूड खाना टाइम से न सोना न जागना इन सब वजह से बहुत सारी बीमारियाँ हो रही उनमे लौंग एक अच्छी दवा मानी गई है .सिर दर्द और माइग्रेन में लौंग उपयोगी है .

(2) बलगम की समस्या में लौंग का सेवन लाभदायक (Cloves Benefits in Mucus Problem in Hindi)

यह कफ को बाहर निकालने में मदद करता है कफ के कारण खासी आने में स्वास लेने में तकलीफ होने पर लौंग फायदेमंद है लौंग के सेवन से कुक्कुर खांसी का इलाज भी किया जाता है.

(3)आंखों की बीमारियों में लौंग का उपयोग फायदेमंद (Benefits of Cloves in Cure Eye Disease in Hindi)

आँखों की बीमारी में लौंग बहुत फायदेमंद है। लौंग के सेवन से आंखों की परेशानी में बहुत हद तक आराम मिलता है

(4) दांतों के रोग में लौंग के प्रयोग से लाभ (Benefits of Long in Dental Disease in Hindi)

लौंग में antibactirial और antifungal गुण होते है .दांत में सुजन हो या कीड़े लगे हो किसी भी तरह के इन्फेक्शन में बहुत फायदेमंद होता है लौंग या लौंग का तेल .

(5)लौंग के सेवन से खत्म होती है मुंह और सांसों की बदबू (Benefits of Cloves in Halitosis Treatment in Hindi)

लौंग अक्सर लोग मुखावाश के लिए उपयोग करते हैं .मुह मे किसी तरह की बदबू और इन्फेक्शन में लौंग बहुत असरकारी दवा है .यह मुह के बक्टिरिया इन्फेक्शन को ख़तम करने में बहुत मदद करता है .

(6)हैजा में लौंग का उपयोग और फायदे (Clove Benefits in Cholera Treatment in Hindi)

हैजा होने पर लौंग फायदेमंद है हैजा में बहतु अधिक प्यास लगने की समस्या भी हो जाती है। इस समस्या में लौंग खाने से बहुत फायदा मिलता है। एक या ड़ेढ़ ग्राम लौंग डेढ़ ली पानी में डालकर उबाल लें । 2-3 उबाल आने पर चूल्हे से उतार लें और ढक दें। इसमें से 20-25 मिली पानी को बार-बार पिलाने से हैजा में लगने वाली ज्यादा प्यास को कण्ट्रोल करता है।

(7)अपच में लौंग के उपयोग और लाभ (Cloves Benefits in Indigestion in Hindi)

 अपच में भी लौंग फायदेमंद है 1 ग्राम लौंग और 3 ग्राम हरड़ लेकर काढ़ा बना लें। इसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर पीने से अपच की परेशानी में आराम मिलता है।

(8)जी मिचलाने उल्टी में लौंग का प्रयोग और फायदे (Benefits of Cloves in Treating Nausea in Hindi)

जी मिचला रहा हो तो आप लौंग का उपयोग कर सकते है . लौंग को पानी के साथ पीसकर थोड़ा गर्म कर लें। इसे थोड़ा-थोड़ा पिलाने से जी मिचलाने और अत्यधित प्यास लगने की समस्या ठीक होती है।अक्सर लोगों का बस में सफ़र करते हुए जि मिचलाता है ऐसे में मुह में लौंग रखने से फायदा होता है.क्योंकि इसमें एंटी एमेटिक का गुण पाया जाता है।गर्भवती महिलाओं को उल्टी होना आम समस्या है। इस समय लौंग खाने से उल्टी रोकने में बहुत फायदा मिलता है। इससे गर्भवती महिलाओं को बहुत आराम मिलता है। 1 ग्राम लवंग (लौंग) चूर्ण को मिश्री की चाशनी और अनार के रस में मिलाकर चाटने से गर्भवती महिलाओं को होने वाली उल्टी बंद  हो जाती है

(9)बुखार में लौंग का सेवन के लाभ (Benefits of Long in Fighting with Fever in Hindi)

लौंग (lavang) और छोटी पिप्पली को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इस चूर्ण को 1½ ग्राम की मात्रा में लेकर शहद मिलाकर सुबह और शाम चाटने से बुखार और शारीरिक कमजोरी में बहुत लाभ मिलता है।

(10)पेट की गैस की समस्या में लौंग के फायदे (Laung Benefits in Acidity in Hindi)

लौंग गैस की समस्या में भी बहुत फायदेमंद है 10 ग्राम लौंग, 10 ग्राम सोंठ, अजवायन और 10 ग्राम सेंधा नमक 40 ग्राम गुड़ को पीस कर । इसकी 325-325 मिली ग्राम की गोलियाँ बना लें। 1 गोली दिन में 2-3 बार खाने से पेट की गैस की परेशानी ठीक होती है।

(11)जोड़ों का दर्द कम करने  लाभदायक लौंग (Benefit of Clove to Get Relief from Arthritis in Hindi)

जोड़ों के दर्द की समस्या में भी लौंग फ़ायदेमंद होता है क्योंकि आयुर्वेद में लौंग को दर्द निवारक माना जाता है लौंग का तेल जोड़ों के दर्द के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। 

(12)तनाव और सरदर्द में लौंग फायदेमंद (Clove Beneficial to Get Relief from Stress in Hindi)

लौंग का तेल तनाव को कम करने में मदद करता है क्योंकि ये सर्कुलेटरी सिस्टम को उत्तेजित कर शारीरिक थकान को कम कर तनाव से मुक्ति देता है। साथ ही सिरदर्द में भी आराम पहुचाता है। 

(13)अस्थमा के इलाज में लौंग के फायदे (Clove Beneficial to Treat Asthma in Hindi)

अस्थमा या कफ संबंधी किसी भी समस्या में फ़ायदे के लिए लौंग का उपयोग कर कर सकते है क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार लौंग में कफ से राहत दिलाने का विशेष गुण होता है।  

(14)कैंसर के इलाज में फ़ायदेमंद है लौंग (Clove Beneficial to Treat Cancer in Hindi)

लौंग में एंटीबैक्टिरियल antifungal antiininflamatory गुण होते है ।लौंग कैंसर से लड़ रहे रोगियों के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होता है

(15)सूजन को कम करने में लौंग फायदेमंद (Clove Beneficial to Get Relief from Inflammation in Hindi)

लौंग का तेल सूजन कम करने में मदद करता है क्योंकि इसमें एंटी- इंफ्लेमेटरी का गुण पाया जाता है जो कि सूजन को कम करने में मदद करता है। 

(16)पाचन तंत्र को मजबूत बनाये लौंग (Benefit of Clove to Improve Digestive System in Hindi)

के अनुसार लौंग में दीपन और पाचन के गुण पाये जाते है। इसलिए लौंग पाचन में भी बहुत फायदेमंद होता है एसिडिटी में लौंग बहुत फायदेमंद होता है खट्टा पानी आना सीने में जलन होने पर लौंग खाना चाहिए ।जब स्लाइवा कम बनता है तो लौंग खाने से स्लाइवा अच्छी तरह बनने लगता है और पाचन को बढाता है।

(17)दस्त रोकने के लिए करें लौंग का उपयोग (Clove Benefits to Stop Diarrhea in Hindi)

बहुत ज्यादा दस्त होने पर भी लौंग फायदेमंद है 1 ग्राम लौंग और 3 ग्राम हरड़ आउट थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर काढ़ा बनाकर पीने से भी दस्त में राहत मिलती है ।

जायफल, लौंग तथा जीरा को बराबर मात्रा में लें। इनका चूर्ण बना लें। इसे 2-3 ग्राम की मात्रा में लेकर शहद या शक्कर के साथ उपयोग करें। इससे दस्त में राहत मिलती है।

(18)मधुमेह में लौंग के फायदे (Clove Beneficial to Control Diabetes in Hindi)

लौंग का सेवन मधुमेह मेंभी फायदेमंद होता है क्योंकि यह रक्त में शर्करा को नियंत्रित करने में सहायता करता है।

(19)नासूर (पुराना घाव) में लौंग से लाभ (Clove Benefits in Cure Canker in Hindi)

लौंग में antifungal गुण होते है 5-6 लौंग और 10 ग्राम हल्दी को पीसकर लगाने से पुराने से पुराना घाव जिसे नासूर भी कहते है ठीक हो जाता है।

(20)छाती की जलन को ठीक करती है लौंग (Laung Benefits to Treat Heartburn in Hindi)

कई लोग छाती में जलन की समस्या से परेसान रहते हैं। 2-4 लौंग (lavang) को ठंडे पानी में पीस कर इसमें मिश्री मिलाकर पीने से हृदय की जलन मिटती है ।एसिडिटी से उल्टी होने पर लवंग फायदेमंद होयता है

(21)लौंग सेक्सुअल स्टेमना पौरुष शक्ति बढ़ता है  (Benefits of Long in Increasing Sexual Stamina in Hindi)

लौंग (lavang) व जायफल को घिसकर नाभि पर लेप करने से पुरुष की संभोग करने की क्षमता बढ़ जाती है।विशेषज्ञों का मानना है कि लौंग का सेवन पुरुषों में कई तरह की पौरुष संबंधी दिक्कतों को दूर करता है और शक्तिवर्धन का कार्य करता है। लौंग पौरुष शक्ति बढ़ाने का काम करती है।लौंग का सेवन पुरुषों में स्पर्म काउंट बढ़ाने में मददगार होता है। लेकिन अधिक मात्रा में इसके सेवन से मेल हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन गड़बड़ा सकता है, इसलिए लौंग और इससे जुड़े प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल किसी आर्युवेदाचार्य की देखरेख में ही करना चाहिए। आपकी समस्या ठीक होगी

(22)गठिया में फायदेमंद लौंग (Laung Benefits in Arthritis Treatment in Hindi)

शरीर में जितने भी दर्द होते है ज्यादातर वातदोष बढ़ने की वजह से होते हैं लौंग वात की भी सभी बीमारियों मे फायदेमंद है लौंग के फायदे आप गठिया जैसी बीमारी में भी ले सकते हैं। लौंग के तेल से गठिया में लाभ होता है। इसे गठिया वाले स्थान पर लगाएं। इससे लाभ मिलता है।

(23)उल्टी (गर्भवती महिलाओं को होने वाली उल्टी) को रोकने के लिए लौंग का उपयोग (Use of cloves to Prevent Vomiting (Vomiting of Pregnant Women) in Hindi)

लौंग का काढ़ा पिलाने से गर्भवती स्त्री की उल्टी बन्द हो जाती है। ध्यान रखें कि बुखार में यह काढ़ा ना दें।

(24 )जीवनशैली से संबंधित रोग (lifestyle related diseases)

ज्यादातर आज की बीमारियां कफ पित्त की है जो जीवनशैली से सम्बंधित बीमारियां है वो कफ पित्त की होती है आजकल की जो बीमारियां है उनमे लौंग का उपयोग बहुत अच्छा होता है।

(25 )मुह में कीड़े लगना और मुह से सम्बंधीत रोगों में

कीड़े लगने से मुह में लार आना और ,मुह भारी भारी लगने पर लौंग का तेल लगाना या स्मेल लेना या लौंग खाना ये सब फायदा करेगा .।लौंग मुह के दुर्गन्ध में लाभ पहुचाता है ।

(26)चर्म रोगों में

चर्म रोग जैसे बीमारी खुजली होना इन्फेक्शन होने पर लौंग फायदा करता है

(27)यूरिन से संबंधित परेशानी में आराम दिलाता है

जिनको पेशाब (urine) ठीक से नही होता ऐसे लोगो के लिए अच्छा होता है

(28)लीवर के रोग में फायदेमंद

लौंग लिवर को एक्टिवेट करता है फैटी लीवर जैसे बीमारियों में फायदेमंद है .खाना न हजम होने से पेट में जो दर्द होता है ऐसे में लवंग का पानी बहुत फायदेमंद होता है भूख न लगने पर भुख बढाता है हार्ट का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है low BP में लौंग बहुत फायदेमंद होता है

(29)रक्त की विकृति को दूर करता है

तिक्त और शीत होने के कारण रक्त की विकृति को ठीक करता है रक्त को साफ़ करती है रक्त को ताकत देती है

(30)महिलाओ में प्रसव के बाद फ़ायदेमंद

यह महिलो में प्रसव के बाद दूध बढाता है। बच्चा होने के बाद जिनको दूध नही बनता उनके लिए अच्छा है ।कफा और पित्त का दोष बढने से माँ के दूध पिने पर बच्चा उल्टी कर देता है ऐसे में माँ को लवंग देना चाहिए

(31)ज्वर बुखार में फायदेमंद.

ऐसे लोग जिनको बुखार आता है उनके लिए तिक्त रस काम आता है उसमे ये फायदेमंद होता है।

Cloves in Diffrent language.

  • Hindi :(laung in hindi) – लोंग, लौंग, लवंग
  • English :(Lavanga in english) – क्लोवस (Cloves), जंजिबर रैड हेड (Zanzibar red head), क्लोव ट्री (Clove tree), Clove (क्लोव)
  • Sanskrit : लवङ्ग, देवकुसुम, श्रीप्रसून, श्रीसंज्ञ, श्रीप्रसूनक, वारिज
  • Telugu – करवप्पु (Karvappu), लवंगमु (Lavangamu)
  • Tamil (Cloves in tamil) : किरांबु (Kirambu), किराम्पु (Kirampu)
  • Urdu:  लौंग (Laung), लवंग (Lavang)
  • Marathi – लवंग (Lavang)
  • Malayalam – लौंग (Laung), ग्रामपु (Grampu), करयाम्पु (Karayampu)
  • Gujarati – लवींग (Laving)
  • Kannada:  लवंग (Lavanga), रूंग (Rung)
  • Bengali – लवंग (Lavang)
  • Arabic – करनफल (Qaranphal), करनफूल (Qaranphul)
  • Persian – मेखत (Mekhat), मेखक (Mekhak)
  • Nepali – लवांग (Lwang) 

लौंग में कौंन कौन से तत्व होते है ।

लौंग खाने से हमें विटमिन-B के कई प्रकार और पोषण मिलते हैं। जैसे, विटमिन-B1,B2,B4,B6,B9 और विटमिन-सी तथा बीटा कैरोटीन जैसे तत्व होते हैं। साथ ही विटमिन-K, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट जैसे कई तत्व हमें लौंग से मिलते हैं। कहा जाता है कि लौंग में करीब 30 प्रतिशत फाइवर होता है। इन खूबियों के चलते लौंग खासतौर पर सर्दियों में हमें कई बीमारियों से बचाती है।

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