पित्त प्रकृति के शारीरिक मानसिक लक्षण समस्याएं

शारीरिक गठन में पित्त दोष की प्रबलता को पित्त प्रकृति (पित्तज प्रकृति) या पित्त शारीरिक प्रकार कहा जाता है। इसे पित्त गठन के रूप में भी जाना जाता है।

जिनके शारीर में पित्त ज्यादा होता है और वात कफ कम होता है ऐसे लोग पित्त प्रकृति के कहे जाते है.पित्त प्रकृति को समझने के लिए सबसे पहली चीज जो देखा जाता है ऐसे लोग सबसे ज्यादा गरम नेचर के है जो बहुत उत्तेजक प्रकृति है वो लोग पित्त प्रकृति के होते है .जिनको पित्त के कारण गर्मी बहुत लगती है जो हमेसा खाते रहते है. पित्त वालों की अग्नि बहुत तेज होती है ऐसे लोग मल त्याग बहुत करते है पेशाब ( urine) /बार बार करते है.पित्त वालो को गर्मी बहुत लगती है पित्त वालो के शरीर का तापमान बहुत रहता है पित्त वाले ज्यादातर हल्के कपड़े पहनकर रहते है उनको गर्मी बहुत लगती है

“अकाले पलितैर्व्याप्तो धीमान स्वेदी च रोषण :।
 स्वप्नेषु ज्योतिषां द्रष्टा पित्तप्रकृतिको  नर :॥”

पित्त प्रकृति के लक्षण

पित्त दोष के गुण आपकी शारीरिक और मानसिक विशेषताओं का निर्धारण करते हैं।शत स्निग्ध (थोड़ा चिपचिपा या तैलीय)नरम त्वचा, नाजुक चेहरा, थोड़ी तैलीय त्वचा और थोड़े तैलीय बाल, जो आपकी त्वचा को पर्याप्त रूप से चिकना कर देते हैं, जोड़ों की निर्विघ्ऩ संचालन, बालों का झड़ना, मुँहासे, गंजापन ऊष्ण (गर्म) मजबूत पाचन क्षमता, गर्म शरीर, लाल तालू, लाल होंठ, लाल जीभ, जलन, मुंह में छाले, अति अम्लता, क्रोध और चिड़चिड़ाहट ,तीक्ष्ण (तीव्र या गतिशील शक्ति)तेज, प्रतिभाशाली, बुद्धिमान मस्तिष्क, बहुत अच्छी क्षुधा, बहुत अच्छा पाचन, तेज दृष्टि और दृष्टिकोण, तार्किक विचार, चित्त की दृढ़ता द्रव (तरल या द्रव) ,`पर्याप्त आमाशय रस, पित्त का पर्याप्त स्राव, अत्यधिक पसीना आना, और रक्तस्राव विकार अम्ल (खट्टा) अच्छा पाचन, गैस्ट्रिक एसिड का उपयुक्त स्राव, जलन, मुँह का खट्टा स्वाद, अम्ल प्रतिवाह कटु (तीखा)उच्च चयापचय दर और पाचक.

पित्त प्रकृति के शारीरिक लक्षण

पित्त मध्यम शारीरिक गठन

पित्त प्रकृति वालों का शरीर मीडियम साइज़ का होगा. पित्त वाले ना ज्यादा लम्बे न छोटे होते है.पित्‍त प्रकृति के व्‍यक्तियों का शारीरिक बनावट सामान्‍य होता है, माथा मध्यम छाती मध्यम होता है

पित्त प्रकृति की आँखें मध्यम होती

पित्त वालों की आंखें न ज्यादा बड़ी होगी न छोटी होगी.पीले या गुलाबी रंग के साथ श्वेतपटल नेत्र,पलकें कम और पतली दिखाई देती है, लेकिन सूखी नहीं,

पित्त प्रकृति का औसत शरीर का वजन

शरीर का वजन सामान्‍य होता है ।मध्यम शारीरिक शक्ति पित्त प्रकृति के व्यक्ति की कार्य करने की शक्ति मध्यम होती है.

तीक्ष्ण स्वभाव

तीक्ष्ण स्वभाव ऐसे लोग जो बहुत ज्याद एग्रेसिव होते है हमेसा मारपीट के लिए तैया रहते है छोटी सी बात पर भी मारपीट केलिए तैयार हो जाते हैं .

पित्त प्रकृति औसत रूप

पीलापन या लालिमा लिए हुए गोरा रंग.त्‍वचा का रंग गोरा या चमकदार, बालों का रंग हल्‍का काला होता है ।पित्त वाले लोग लाल या ताम्बे के रंग में देखने को मिल जाते है पीलापन लिए हुए उनका शरीर होगा उनके शरीर में लालपन थोडा ज्यादा मात्र में होगी क्योकि पित्त का सम्बन्ध डायरेक्ट ब्लड से होता है.

शरीर में बाल कम पाए जाते हैं

पित्त वालों के शरीर में बाल कम पाए जाते हैं इनके शरीर में रोम बाल की मात्रा कम संख्या में होती है पित्त वालो के बाल युवा अवस्था में ही चले जाते है बाल पतले और नरम होते हैं.गर्मी के कारण पित्त वालों के बाल जल्दी उम्रमे ही या तो सफ़ेद हो जायेगे या झड जायेगे .जिनके बल कम उम्र में ही झड़ जाये सफ़ेद हो जाये ऐसे लोग पित्त प्रकृति के होते है पित्त वालों के बाल ज्यादा लम्बे समया तक टिकते नही है

शरीर से दुर्गन्‍ध आना

किसी किसी के शरीर से दुर्गन्‍ध आता है यह भी पित्‍त प्रकृति का लक्षण है ।पित्त प्रकृति के पसीने से बहुत दुर्गन्ध आती है .पित्त वालों के मल और पेशाब से हमेसा दुर्गंध आती है पित्त वालों को पसीना बहुत आता है उनके पसीने से बहुत बदबू आती है

कम उम्र में ही झुर्रियां आना

पित्त वालो के चेहरे पर चमक ज्यादा होती है गर्मी के कारण उनके चेहरे पर चमक ज्यादा होती है.पर इसे के साथ उन्हें बहुत जल्दी झुर्रियां भी आने लगती है पित्त प्रकृति के लोगो को कम उम्र में ही झुर्रिय होगी और तिल भी बहुत ज्यादा पाए जाते हैपित्त वालो की स्किन सॉफ्ट होगी नाजुक त्वचा होगी

गर्मी बहुत लगती है

पित्त वालों को गर्मी बहुत लगती है उनसे गर्मी बर्दास्त नही होती है .ऐसे लोग ठंडी में बहुत अच्छे से रहते है पर गर्मी में उनकी तबियत खराब होने लगती है .

अच्छी भूख लगती है

अधिक मात्रा में भोजन करना और बार बार खाना खाना पित्तकी अधिकता होने के करना पाचन बहुत मजबूत होता है इसलिए पित्त प्रकृति के लोग बहुत ज्यादा खाते है कितन भी भारी खाना खिला दो उनको ३से ४ घंटे में फिर से भूख लग जाती है

अत्यधिक प्यास महसूस करना

पित्त प्रकृति वाले गरम प्रकृति के होते है इसलिए उन्हें प्यास बहुत ज्यादा लगती है .

अत्यधिक मासिक धर्म प्रवाह

महीलाएं अगर पित्त प्रकृति की है तो उनका मासिक धर्म ज्यादा मात्र में आयेगा सफ़ेद पानी की समस्या होती है ब्लीडिंग ज्यादा होने की सम्भावन होते है सफेद पानी की समस्या होती है उनके गर्भाशय के आसपास कोई घाव हो जाती है दुर्गन्ध ज्यादा होती है.

लीडरशिप

लीडरशिप जिनके पास ज्यादा है वो सब पित्त प्रकृति में आते है.पित्त प्रकृति के लोगो की आवाज प्रभावशाली होती है इसलिए उनके अन्दर लीडरशिप के गुण पाए जाते हैं

जिनको थोड़ी भी लाइट बर्दास्त नही होतो जिनको धुप में जाते ही आंखें बर्दास्त नही होती वो सब पित्त प्रकृति के ही

जीभ लाल दिखाई देती है

चेहरा नाजुक और नरम दिखाई देता है.त्वचा पतली, नरम, गर्म और नाजुक

मुंह का स्वाद कड़वा या खट्टा हो सकता है

नसें काफी उन्नत नहीं होती हैं

पेट मध्यम विकसित होता है

तीखी लेकिन स्पष्ट आवाज

औसत चलने की गति

नाखून गुलाबी

मध्यम नींद

नाड़ी तेज और उष्ण

बार-बार मल त्याग करना और दस्त होना

पित्त प्रकृति के मानसिक लक्षण

  1. ऐसे व्‍यक्ति गुस्‍सैल स्‍वभाव के होते है मतलब इन्‍हें जल्‍दी ही गुस्‍सा आता है । जल्‍दी ही अधीर हो जाते, ईर्ष्‍यालु होते हैं ।
  2. मानसिक रूप से सक्षम बुद्धिमान होते हैं । याददाश्‍त तेज होता है । बोलने कला में माहिर होते हैं ।
  3. पित्त मतलब गर्मी या उष्णता जल और अग्नि महाभूत का कॉम्बिनेशन इन दोनों चीज का असर पित्त प्रकृति पर दिखाई देता है
  4. ये भूक्‍कड़ स्‍वभाव के होते हैं मतलब इन्‍हें भूख-प्‍यास अधिक लगता है । 
  5. पित्‍त प्रकृति के लोगों गर्मी अधिक लगता है । 
  6. अंतःकरण सीच्चे होते हैं
  7. स्थिर मस्तिष्क
  8. मस्तिष्क पर मध्यम नियंत्रण
  9. मस्तिष्क माध्यम मजबूत
  10. जीवन में थोड़ा संतोष
  11. मानसिक सहिष्णुता
  12. मानसिक तनाव के लिए थोड़ा प्रतिरोधी
  13. प्रतिभाशाली होते हैं
  14. पित्त वाले दिमाग से बहुत ज्यादा तेज होते है बहुत जल्दी समझ जाते हैं .किसी भी चीज की बाल की खाल निकलना जिसे कहते हैं उस प्रकृति के होते है पित्त वाले।किसी भी चीज की गहरी जानकारी रखते है ।अर्थात ऐसे लोग जो दिमागीरूप से बहुत ज्यादा शार्प है इसे शार्पनेस की वजह से पित्त वालों का ज्ञान बहुत अच्छे लेबेल का होता है ।
  15. स्मृति अच्छी अनुकूल होती है
  16. एकाग्रता
  17. स्थिर विचार वाले
  18. पित्त प्रकृति वाले में प्रतिस्पर्धा की भावना होती है उसे हार पसंद नही होती वो उसके लिए जी जान लगा देता है वो हमेसा आगे रहना टॉप पर रहना पसंद करता हैं
  19. समझने की शक्ति अच्छी होती है
  20. अल्पकालिक कार्यों में अच्छा
  21. बहादुर
  22. साहसी
  23. पित्त वाले जितने ज्यादा अटैकिंग हैं उतने ज्यादा नरम नेचर के हैं अगर कोई पित्त वालों से आकर उनकी मदद मांगे ऐसे लोगों की मदद तुरंत करते है पित्त वाले किसी भी हद तक जाकर मदद करते है ।पित्त वाले दयावान होते है सामने वाले के आंशु देखकर तुरंत पिघल जाते है
  24. निडर
  25. अभिमान।पित्त प्रकृति के लोग अभिमानी होते है कोई उनकी प्रसंसा करे वो उनको बहुत अच्छा लगता है ।अगर उनपर कोई छोटा आरोप भी लगाए तो उसके लिए वो लड़ने के लिए तैयार हो जाते है वो गुस्सा आने पर तुरंत हमला करने से नही डरते है ।
  26. प्रशंसा से बहुत प्रभावित होता है
  27. परफेक्ट होते हैं
  28. पित्त वालों को सब चीज परफेक्ट चहिये उनको साफ सफाई पसंद है ।पित्त वाले ज्यादातर समज सुधार में मिलेगे।अर्थात स्वछ भारत अभियान ।जिन लोगो को साफ सफाई पसंद है वो सब पित्त प्राकृति के हैं .
  29. ऐसे लोग जिनका नेचर शार्प है वो सब पित्त वाले है
  30. जिनका वाणी बहुत उच्च तेज शॉप है जो अपनी आवाज से लोहा को प्रभावित कर सकते है अपना विषय बहुत अच्छे से लोगो को समझ सकते है।
  31. किसी के सामने नही झुकते ऐसे लोग पित्त प्रकृति के है उनके लिके उनका प्राउड सबसे आगे होता है ।वो शूरवीर होते है वो अपनी बात मनवाकर रहते है किसी भी तरह की परिस्थिति हो वो डरते नही है
  32. पित्त वालो के बारे में आयुर्वेद में ऐसा कहा गया है इनके पास धन सम्पत्ति मध्यम होतो है ।जो भी साधन है उपभोग के वो सब इनके पास मध्यम होगा इनका ज्ञान भी मध्यम होगा और परिश्रम भी मध्यम होगा ज्ञान मध्यम इसलिए होगा क्योमी उत्तम ध्यान के लिए पेशेंट की जरूरत पड़ती है जो पित्त वालो के पास नही होता है ।
  33. उष्णता गर्मी ऐसव लोग जो बहुत जल्दी भड़क जात्ते हैं गरम हो जाते है । वो पित्त प्रकृति के हैं

पित्त प्रकृति वाले व्यक्ति का व्यवहार

  1. मध्यम शांति – बार बार होने वाला आक्रामक व्यवहार
  2. मध्यम रचनात्मकता
  3. मध्यमअहिंसा
  4. मध्यम क्षमा प्रवृत्ति

पित्त प्रकृति के सामाजिक लक्षण

  1. कुछ मित्र (विश्वसनीय 4 से 8)
  2. उत्कृष्ट वक्ता .सार्वजनिक रूप से या मंच पर बोलने में उत्कृष्ट,
  3. अन्य लोगों द्वारा पसंद किए जाने की संभावना – कुछ लोग उन्हें पसंद करते हैं
  4. मध्यम विश्वसनीय
  5. अक्सर आभारी
  6. कुछ लंबे समय तक चलने वाले संबंध
  7. मध्यम धार्मिकता
  8. मध्यम अच्छा आचरण
  9. मध्यम दयालुता
  10. मध्यममदद की प्रकृति
  11. मध्यम झगड़ालू
  12. वाचाल
  13. मध्यम सत्यता

सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण

  • ठंडी जलवायु

पित्त प्रकृति के भावनात्मक लक्षण

  1. अति-उत्साहित
  2. अति सक्रिय
  3. जल्दी क्रोध आ जाता है अचानक तेज गुस्से के साथ (आपा खोना); क्रोध थोड़ी देर तक रहता है
  4. जल्दी डर लगता है
  5. जल्दी मन बदलना
  6. प्रसन्न
  7. शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा पर मध्यम नियंत्रण

पित्त प्रकृति की सामान्य समस्याऐं

इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको इन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, लेकिन जब पित्त दोष बढ़ जाए या कुपित हो जाए, तो यह निम्नलिखित समस्याओं या रोगों का कारण बन सकता है:

  1. सूर्य के प्रति अतिसंवेदनशीलता
  2. जलन के साथ सिरदर्द
  3. सीमित कामेच्छा
  4. प्रकाश को सहन करने में असमर्थता
  5. स्टोमेटाइटिस(Stomatitis), मुंह में अल्सर
  6. झुर्रियाँ
  7. मस्से
  8. गंजापन
  9. सिर में चक्कर आना
  10. सिर में हल्का भारीपन
  11. अत्यधिक पसीना आना
  12. पसीने में दुर्गंध
  13. अत्यधिक मासिक धर्म प्रवाह या अधिक माहवारी
  14. समय से पूर्व माहवारी आना
  15. मासिक धर्म के साथ बदबूदार रक्तस्राव
  16. दस्त
  17. जल्दी गुस्सा आना
  18. अत्यधिक भोजन का सेवन
  19. सीने में जलन
  20. अति अम्लता
  21. तैलीय त्वचा
  22. मुँहासे
  23. मसूड़ों से रक्तस्राव
  24. रक्त स्राव विकार
  25. अत्यधिक प्यास लगना
  26. बालों का जल्दी पकना (सफ़ेद होना)
  27. बालों का झड़ना
  28. बालों का कम हो जाना

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