health benefits of wheat grass

Gehu k jaware ka chamatkaar(health benefits of wheat grass)

गेहूं के  ज्वार का पाउडर यातो हरे गेहू के ज्वार का रस बहुत ही लाभकारी एवं प्रभावकारी है स्वास्थ्य की दृष्टि से । गेहूं के जवारे को अंग्रेजी में हम व्हीटग्रास भी बोलते है । यह  सिर्फ एक घास नही है एक ऐसे दवा है जो बहुत से रोगों में से हमें निजात दिलाती है  ।(health benefits of wheat grass) 

यह प्रकृति की दी हुई एक ऐसे दवा है जो हमे बहुत ही सस्ते दाम पर बहुत सारी परेशानियों और रोगों के इलाज में सहायता करती है  । प्राचीन काल से ही हिन्दुस्तान के चिकित्सक गेहूँ के ज्वारों को विभिन्न रोगों जैसे मोटापा अस्थि-संध शोथ, कैंसर, त्वचा रोग, मधुमेह( डायबिटीज) आदि के उपचार में प्रयोग कर रहे हैं।कुछ लोगो ने तो इसे पृथ्वी की संजीवनी बूटी कहा है जोकि तर्कसंगत भी है क्योकि कोई ऐसा रोग जिसमे इसक सेवन से लाभ न हो ।आज के दौर में जब हम एक साथ बहुत सारे  रोगों से जूझ रहे है उसमे प्राकृतिक चीजो से उपचार एक अच्छा विकल्प है जिसमे न तो बहुत ज्यादा खर्च है और न ही कोई साइडइफेक्ट ।
इसके जूस में मौजूद क्लोरोफिल बहुत फायदेमंद होता है जो शरीर के विशैले पदार्थो को बाहर निकालकर शरीर की सफाई करता है। इससे पाचन की प्रक्रिया में सुधार होता है।गेहूं के जवारे विटामिन्स और मिनरल्स का सबसे बढ़िया सोर्स हैं। इसमें विटामिन A, B, C, E और K के अलावा 19 अमीनो एसिड है और 92 खनिज हैं, जो उ हमारे तरीर को high level पर कार्य करने की ताकत प्रदान करने में सक्षम होता है, व रक्त संचार संबंधी रोगों, रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप(हाई ब.प), सर्दी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, स्थायी सर्दी, साइनस, पाचन संबंधी रोग, कैंसर, आंतों की सूजन, दांत संबंधी समस्याओं, दांत का हिलना, मसूड़ों से खून आना, चर्म रोग, सेक्स संबंधी रोग, शीघ्रपतन, पेट में छाले, कान के रोग, थायराइड ग्रंथि के रोग एक्जिमा, किडनी संबंधी रोग, व अनेक ऐसे रोग जिनसे रोगी निराश हो गया, उनके लिए गेहूं के जवारे अनमोल औषधि हैं।जवारों में सबसे प्रमुख तत्व क्लोरोफिल पाया जाता है। प्रसिद्ध आहार शास्त्री डॉ. बशर के अनुसार क्लोरोफिल (गेहूंके जवारों में पाया जाने वाला प्रमुख तत्व) को केंद्रित सूर्य शक्ति कहा है।ये जरूरी नहीं कि आप बीमार हों तो ही इसका रस पीएं। अब हर रोज इसका सेवन कर सकते हैं, ये भी ये आपको कई बीमारियों से बचाएगा और स्वावस्थ रखेगा ।

वजन घटाने में सहायक: 

व्हीटग्रास पाउडर जूस अथवा तरल में घोला जा सकता है,इसे अन्य सामग्रियों व स्वाद प्रदान करने वाली चीजों के बदले एक स्वास्थ्यकारी विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकते है । यह शरीर को ज्यादा मात्रा में ऊर्जा प्रदान करता है तथा शक्ति में वृद्धि करता है, जो शरीर को अधिक समय तक मेहनत करने लायक बनाता है, और इस तरह तेजी से वजन भी घटाया जा सकता है।अगर आप हमेशा active रहेंगे तो वजन वैसे भी नही बढ़ेगा इसके अलावा, यह पाउडर अथवा इसकी हरी पत्तियों का रस थायरॉयड ग्रंथि की सक्रियता को बढ़ाकर वजन घटाने में भी मदद करता है। यह उपापचय को बढ़ा देता है जिससे खाना अच्छे से पचता है तथा मोटापा और अपच से बचाता है।


बालों की समस्या का उपचार: 

रोजाना गेहूं क जवारे का रस पीने से बाल असमय सफ़ेद नहीं होते। व्हीटग्रास पाउडर ग्रे बालों को उनके प्राकृतिक रंग को वापस लाने करने में बहुत प्रभावी सिद्ध होता है। बाल अगर भूरे हो गये है तो  इस पाउडर से बालों को धोकर रोका जा सकता है और नियमित इसके प्रयोग से बालों को सफेद होने से भी रोक जा सकता है ।व्हीटग्रास पाउडर से बालों को धोना डैंड्रफ व सूखापन एवं सिर की खुजली को दूर करने का भी बहुत प्रभावी उपाय है। आप व्हीटग्रास पाउडर और सामान्य शैम्पू का मिश्रण तैयार करके खराब बालों को सही करने के लिए इस प्रयोग कर सकते हैं।बालो की care के लिए इसका प्रयोग कर सकते है

बुढापा आने से रोके: 

रोजाना व्हीटग्रास  लेने से चहरे के दाग धब्बे झुर्रियां और पिम्पल धीरे धीरे साफ़ होने लगते है चेहरे में एक प्राकृतिक चमक आने लगती है। किसी कॉटन से चेहरे पर इसका रस को लगाने से भी त्वचा के रोगों में बहुत फायदा होता व्हीटग्रास पाउडर मुक्त कणिंकाओं से होने वाले हानि से बचाता है। इसमें प्राकृतिक रुप से उम्र बढ़ने से रोकने वाले गुण तत्व मौजूद हैं जो कोशिकाओं की कायाकल्प में सहायता करते हैं, इस तरह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है। और एन्टी एजिंग के लिएबेहटर उपाय है यह सैगिंग त्वचा की समस्या से निपटता है और त्वचा की लोच को बनाये रखता है, इस प्रकार त्वचा की युवा चमक को पुनर्जीवित करता है।
प्रजनन क्षमता को बढ़ाता है यह पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन शक्ति को भी बढ़ाने में मदद करता है। जोश में वृद्धि करता है, तथा गर्भधारण में सहायक सिद्ध होता है।

रक्त साफ करता है: 

एक विषनाशक एजेंटकी तरह काम करता है , व्हीटग्रास पाउडर आपके रक्त की सफाई करता है,और सांस और पसीने की गंदी बदबू को दूर करता है।


आँखों के लिए फायदेमंद: 

व्हीटग्रास में विटामिन A की मात्रा अधिक होती है जो की आँखों क लिए जरूरी है,जिन लोगों की आँखों की रोशनी कम हो रही हो उन्हें दिन में दो बार जवारे का जूस लेना चाहिए।व्हीटग्रास पाउडर की नियमित खुराक आपकी आँखों की रोशनी को बढ़ाता है।


दांतो की सड़न का उपचार:

मुंह से बदबू आने पर जवारे को दिन में 3-से 4 बार चबाने से मुंह की बदबू दूर हो ।जाती व्हीटग्रास पाउडर दंत क्षय और अन्य दंत समस्याओं के इलाज के लिए एक बहुत बड़ा चीज के रूप में है। व्हीटग्रास पाउडर से अपने मसूड़ों की मालिश करके आप उन्हें मसूड़ों की समस्याओं से मुक्त करके, मजबूत तथा दृढ़ बना सकते हैं।
बवासीर का उपचार: 
 बवासीर के  लिए,लगातार 3 महीने तक दिन में दो बार व्हीटग्रास पाउडर लेना चाहिए।कई लाभकारी पोषक तत्वों के अपने संयोजन के कारण, व्हीटग्रास पाउडर बवासीर के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका श्रेय इसमें मौजूद क्लोरोफिल, फाइबर, विटामिन तथा खनिजों की उपस्थिति को है, जो बवासीर के इलाज में बहुत कारगर साबित होते हैं। 
मधुमेह के लिए प्राकृतिक उपचार: 
व्हीटग्रास पाउडर खास तौर पर मधुमेह रोगियों के लाभदायक होता है, क्योंकि यह कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण में विलम्ब उत्पन्न करके रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने में मदद करता है। इस प्रकार, यह प्राथमिक या काफी उन्नत चरण की मधुमेह को भी नियंत्रित कर सकता है।


कैंसर में उपयोगी

 व्हीटग्रास में निहित क्लोरोफिल, विकिरण के हानिकारक प्रभावों को कम करने में मदद करता है। इस प्रकार, व्हीटग्रास पाउडर अक्सर कीमोथेरेपी / रेडियोथेरेपी के दौरान कैंसर के रोगियों को लेने के लिए कहा जाता है।


एनीमिया में उपयोगी:


व्हीटग्रास में निहित क्लोरोफिल की आणविक संरचना मानव रक्त में हीमोग्लोबिन के समान होती है। व्हीटग्रास पाउडर में पाये जाने वाले क्लोरोफिल के उच्च स्तर को शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है, खून को मात्रा में वृद्धि होती है व हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य हो जाता है। इस प्रकार व्हीटग्रास पाउडर एनीमिया के इलाज में मदद करता है। इस प्रकार यह निष्कर्ष निकालना नितान्त तर्कसंगत है कि व्हीटग्रास एनीमिया को दूर करनें में सहायक सिद्ध होता है।


शोधक तथा विषनिवारक गुण: 


व्हीटग्रास पाउडर में उत्कृष्ट विषनिवारक गुण होते हैं। इसके पोषक तत्वों में खनिज तत्व, एंटीऑक्सिडेंट तथा एंजाइम शामिल हैं, जो ताजा सब्जियों के समान होते हैं। इसमें पाये जाने वाले पोषक तत्व सूजन को कम करते हैं। इस प्रकार,यह कोशिकाओं की शक्ति को बढ़ाता है, रक्तप्रवाह तथा जिगर के विषमुक्त बनाता है, कोलन को साफ करता है तथा कार्सिनोजीन्स से सुरक्षा प्रदान करता है।


पीएच बैलेंस को ठीक करना:


एक क्षारीय भोजन के पूरक होने के नाते, व्हीटग्रास पाउडर शरीर के पीएच को संतुलन प्रदान करता है। इस प्रकार, यह रक्त में अम्लता के स्तर को कम करने में फायदेमंद होता है तथा इसकी क्षारीयता को वापस लौटाता है।


लाल रक्त कोशिकाओं और सफेद कणिकाओं का बनाना:


व्हीटग्रास पाउडर में प्रचुर मात्रा में क्लोरोफिल होता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है। बढ़ा हुआ यह उत्पादन रक्त को अधिक ऑक्सीजन के संचरण को संभव बनाकर शरीर को ऊर्जावान बनाता है।इस प्रकार, यह लाल रक्त कोशिकाओं और सफेद कॉर्पुसल्स के गठन में मदद करता है।

व्हीटग्रास लेने का समय तरीका :

इस जूस को लेने के आधा घंटा पहले और पिने के आधा घंटा बाद कुछ न ले। अगर सुबह खली पेट ले सके तो वो ज्याद असरदार होगा।अगर पाउडर है तो उसे पानी में घोलकर ले,और अगर घास है ताज़ी तो उसे पानी डालकर पीस ले। 

व्हीटग्रास घर में कैसे उगाये :

 गेहू क दाने आपको आराम से बाजार में मिल जायेगे उनको ले आइये १२ से १८ घंटे तक पानी में भिगोइए फिर एक छाननी में फैला कर  रख दीजिये और उसे साफ़ कपड़े से ढक दीजिये। अब 3 घंटे 4 घंटे क अंतराल पर उसपर पानी छिड़कते रहिये दो तीन  दिन के अन्दर घास निकल आएगी उसे जितने दिन तक रखना रख सकते पर पानी डालते रहे ताकि सूखे न। 

दूसरा तरीका किसी भी मिटटी क बर्तन में  या खाली  जगह पर मिटटी डालकर या अपने बगीचे में उसपर गेहूं क दाने डाल दीजिये और पानी क छींटे मरते रहिये ऐसे भी घास निकल आएगी जिसे आप धुलकर उपयोग कर सकते।

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