सीघाड़ा के फायदे और नुकसान |Water Chestnut Health Benefits

सिंघाड़ा का परिचय (Introduction of Water Chestnut)

सिंघाड़ा तिकोना जलीय फल होता है । यह कटीले दो सिंगो वाला फल सर्दिया शुरू होते है मिलना शुरू हो जाता है । इसके बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ है आइए जानते है इसके बारे में ।Water Chestnut Health Benefits| singhada ke fayde aur nuksaan ये 5 चीजें आपकी सेहत के लिए वरदान है

सिंघाड़ा क्या है ?(What is Shingada in Hindi?)

सिंघाड़ा (Water Chestnut) तालाब के पानी की सतह पर तैरने वाला जलीय शाकीय पौधा होता है। यह जलकुंभी की तरह तालाब मे होता है । इसक पौधे और पत्ते जलकुंभी की तरह परंतु त्रिकोणाकार और स्पंजी होते हैं।  इसमे सफेद रंग के पुष्प खिलते हैं । इसके फल त्रिकोण होते है उसका छिलका कठोर होता है बाहर से दो रंग के होते है एक हरा और दूसरा लाल फल अंदर से सफेद होता दोनों रंगों में । सर्दियों मे शरीर को गरम रखना है तो जरूर खाएं ये चीजें, रहेंगे फिट और हेल्दी| winter superfood

सभी मौसम के फल खास होते है और उनकी अपनी विशेषता होती है वैसे ही सिंघाड़ा मे भी कुछ विशेष गुण है आइए जानते है आयुर्वेद के अनुसार सिंघाड़ा के फायदे  सिंघाड़ा मधुर, ठंडे तासिर का, छोटा, रूखा, पित्त और वात को कम करने वाला,  कफ को हरने वाला, रूची बढ़ाने वाला एवं  वीर्य या सीमेन को गाढ़ा करने वाला होता है। यह रक्तपित्त तथा मोटापा कम करने में फायदेमंद होता है।इसके बीज पोषक, दर्द को कम करनेवाला, ब्रेस्ट साइज को बढ़ाने वाला,  बुखार कम करने वाला, भूख बढ़ाने वाला तथा कमजोरी कम करने वाला होता है।

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सिंघाड़े में पाया जाने वाला पोषक तत्‍व

सिंघाड़े में विटामिन सी, सिट्रिक एसिड,विटामिन ए,जिंक और सोडियम फॉस्फोरस,थियामिन, कैल्शियम, निकोटिनिक एसिड, मैंगनीज, भरपूर मात्रा में पाया जाता है। सिंघाड़ा कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है। साथ ही इसमे डाइटरी फाइबर भी होता है जो आपको सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।इन सभी तत्वों के होने से सिंघाड़ा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना गया है, जो कई बीमारियों से रक्षा करते हैं। खासकर दिल की बीमारियों के लिए यह बहुत अच्छी औषधि है। साथ ही अगर गले में खराश, थकावट, सूजन और ब्रोंकाइटिस मे है उसमे भी फायदेमंद है। आइए जानते हैं सिंघाड़ा के फायदे के बारे में। 8 health warning sign| ये संकेत बताते हैंआपको कोई गंभीर health problem हैये symptoms इग्नोर न करें

सिंघाड़े के फायदे  (Singhara Fruit Benefits and Uses in Hindi)

सिंघाड़े के फल को वैसे तो कई तरह से खाया जाता है इसे कच्चा भी खा सकते है उबाल कर भी खा सकते है आटा बनाकर भी खाया जाता है व्रत त्योहार में । vitamin D3 calcium deficiency| विटामिन डी की कमी क्या है कारण, लक्षण, भोजन और उपचार

1)गले के दर्द और खराश मे सिंघाड़ा के फायदे

सिंघाड़े में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिससे यह किसी भी तरह के इंफेक्शन खत्म करने की शक्ति रखता है। गले में टॉन्सिल्स या खराश वायरल इन्फेक्शन का ही नतीजा होती है। सिंघाड़े के आटे को दूध में मिलाकर पीने से गले की सभी समस्याओं से आराम मिलता है ।लिकोरिया कितने प्रकार का होता है|types of leukorhia

सिंघाड़े में मौजूद आयोडीन, मैग्नीज जैसे मिनरल्स थायरॉइड और घेंघा रोग की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं।

2)गर्भवती महिलाओ के लिए सिंघाड़ा के फायदे

गर्भवती महियाओ को सिंघाड़ा का सेवन जरूर करना चाहिए जिन महिलाओ का गर्भ 7 महीने से ऊपर का हो उनको सिंघाड़ा का आटा मिलकर दूध पिना चाहिए । म और बच्चे दोनों के लिए बहुत लाभकारी है ये ल्यूकोरिया white discharge मे भी बहुत फायदेमंद है। जिन महिलाओ का गर्भ गिर जाता है उनको इसका सेवन करनाचाहिए ये भ्रूण को भी पोषण देता है । जच्चा बच्चा दोनों की सेहत अच्छी रहती है और गर्भ पात की समस्या भी नहीं आती है । बरसात मे होने वाली बीमारी और उनकी रोकथाम |rainy season disease

3)गला सुखना या बार बार प्यास लगने मे सिंघाड़ा के फायदे

कई बार बुखार या किसी बीमारी मे गला सूखने कि समस्या होती है फिर गरम गरम दवाओ के सेवन से गल सूखने लगता है ऐसे में सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है श्रावण भाद्रपद मे कैसे हो दिनचर्या और खान पान जानिए शुद्ध आयुर्वेद|Best ayurveda diet plan for Rainy season

4)पेट के लिए फायदेमंद है सिंघाड़ा ।

अगर आपको गैस एसिडिटी अपच की समस्या है तो ऐसे मे सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है ऐसे मे सिंघाड़ा एक प्राकृतिक उपचार माना जाता है सिंघाड़े का पाउडर आंतों के लिए और पेट की गर्मी को शांत करने मे फायदेमंद होता है । सिंघाड़ा कब्ज की समस्या में भी राहत पहुंचता है साथ ही भूख न लगने की समस्या में भी फायदेमंद है जौ के फायदे आयुर्वेद के अनुसार । barley health benefits

5)फटी एड़ियों के लिए फायदेमंद है सिंघाड़ा

एडिया फटने की समस्या शरीर में मैंगनीज की कमी के कारण भी होती है और सिंघाड़ा में भरपूर मात्रा में मैंगनीज पाया जाता है तो अगर आप सिंघाड़ा का उपयोग कर रहे है तो फटी एडियो की समस्या से भी निजात मिलेगी । विरुद्ध आहार|viruddha ahar |wrong food combination |

6)पाइल्स या अर्श के दर्द और ब्लीडिंग को आपने कभी काम करता है बिल्डिंग को रोकने में भी सहायता करता है करे कम सिंघाड़ा (Singada benefits for Piles in hindi)

कच्चे सिंघाड़े (Shingade fruit) का सेवन करने से पाइल्स के कारण जो ब्लीडिंग होता है उसके दर्द और रक्तस्राव को कम करने में  सहायता करता है।रागी के फायदे और नुकसान – Finger Millet amazing health Benefits

7) मूत्र रोग मे सिंघाड़ा के फायदे

पेशाब में जलन होना दर्द होना या रुक रुक कर पेशाब आना इन सभी समस्या में सिंघाड़ा फायदेमंद है

8)पीलिया के मरीजों के लिए सिंघाड़े के फायदे (Singhada Beneficial for Jaundice Patients in Hindi)

पीलिया के रोग में सिंघाड़ा फायदेमंद है पीलिया में पित्त दोष बढ़ जाता है और सिंघाड़ा शीत प्रकृति का है तो हए पित्त को शांत कर पीलिया मे फायदा पहुंचाता है एक अंगूर सौ रोगों की दवा | grapes health benefits|angur ke fayde aur nuksaan

9)शरीर में ऊर्जा देता है ‘

सिंघाड़ा पचने मे भारी है मधुर गुण वाला है तो ये देर से पचता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है । गेहू की रोटी के फायदे (आहारशास्त्र )|wheat flour benefits

10) अनिद्रा मे फायदेमंद है सिंघाड़ा

अनिद्रा का एक कारण वात दोष का बढ़ना भी है और यह ज्यादा स्ट्रेस तनाव चिंता से भी होता है । सिंघाड़ा में शीट और गुरु गुण होने की वजह से से वात को शांत करने मे सहायता करता है जिससे तनाव कम होता है और अच्छी नींद आती है । indigestion|खराब पाचन को ठीक करने की सबसे अच्छी दवा

11)बालों के लिए सिंघाड़ा के फायदे ।

बालों का झड़ना एवं कमजोर होना पित्त दोष के असंतुलित हो जाने के कारण होता है और सिंघाड़ा पित्त दोष को शांत करता है और साथ ही सिंघाड़ा बालों के जड़ों तक पोषण देता है जिससे बाल मजबूत बनते है एक रिसर्च में भी बताया गया है की इसमें पोटैशियम, जिंक विटामिन बी और ई जैसे पोषक तत्त्व पाए जाते है जो बालों के लिए लाभदायक होते हैं

12) खुजली की समस्या स्ए दिलाए राहत

खुजली की समस्या पित्त और कफ दोष के असंतुलन से होता है ऐसे में सिंघाड़ा पित्त दोष को शांत करता है क्योंकि इसमे पित्त शामक गुण पाया जाता है । जिससे खुजली मे आराम मिलता है । घर पर बनाइये आर्गेनिक शुद्ध कफ सिरप:homemade cough syrup

13 त्वचा के लिए सिंघाड़ा के फायदे ।

त्वचा मे झाइया कील मुहाँसे पित्त दोष बढ़ने के कारण होता है ऐसे में अगर आप सिंघाड़ा का उपयोग कर रहे है तो ये त्वचा के विकारों को दूर करने मे मदद करता हैं इसका पित्त शामक कषाय और शीत गुण त्वचा के लिए लाभदायक होता है magical gel for flawless spotless skin |चेहरे के दाग धब्बे झाइयाँ हटाने चमक बढ़ाने के लिए homemade जेल

14) स्पर्म काउन्ट को बढ़ाने में सिंघाड़ा के फायदे

सिंघाड़ा स्पर्म काउंट बढ़ाने मे भी फायदेमंद है सिंघाड़े के आनते का हलिउवा बनाकर खाने से स्पर्म काउन्ट बढ़ता है इसके आटे को आप 5 से 10 ग्राम दूध में मिलाकर पीने से स्पर्म काउन्ट मे वृद्धि होती है healthy winter food|सर्दियो में बनाएं सेहत,जाने खानपान के जरूरी नियम

15 ) आग से जलने से हुए घाव मे राहत देता है

अगर आग से जल गए है तो उसमे सिंघाड़े का लेप फायदेमंद होता है । सिंघाड़े के पत्तों को पीस कर लेप लगाने से राहत मिलती है । Vitamin B12 deficiency|विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और बीमारियां

अन्य भाषाओं में सिंघाड़ा के नाम (Name of Shingade Fruit in Different keLanguages)

Hindi-सिंघाड़ा, सिंहाड़ा; Sanskrit-शृङ्गाटक, जलफल, त्रिकोणफल, पानीयफल;

Kannada-सगाड़े (Sagade); गुजराती-शीघ्रोड़ा (Shingoda);

Urdu-सिंघारा (Singhara);

Odia-पानीसिंगाड़ा (Panisingada);

Bengali-पानिफल (Paniphal), सिंगारा (Singara);

Tamil-चिमकारा (Cimkhara), सिंगाराकोट्टाई (Singarakottai);

Telugu-कुब्यकम (Kubyakam);

Malayalam-करीमपोलम (Karimpolam)।

English-इण्डियन वॉटर चैस्टनट (Indian water chestnut), सिंगारा नट (Singara nut)।

Marathi-सिंगाडा (Singada), सिघाड़े (Sigade), शेगाडा (Shegada);

Panjabi-गॉनरी (Gaunri);

किसी भी रोग मे सीघाड़े के उपयोग अपने किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूछ कर कर सकते है ।

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