Uric acid ayurvedic treatment

यूरिक एसिड क्या है

यूरिक एसिड एक ऐसे विकराल समस्या बनती जा रही है जिसकी वजह से हर घर में लोग परेशानी से जूझ रहे है ।आयुर्वेद के अनुसार जब हमारा भोजन पचता नही तो कई तरह के विष पैदा करता है ।क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपकी माता, पिता या घर के किसी सदस्य बुजुर्ग के जोड़ों में दर्द रहता है? या उनके पैरों की उंगलियों, एड़ियों और घुटनों में दर्द और सूजन रहती है जैसे लगता है कंकड़ चुभ गया हो तलवे में पैरों के उस तरह से दर्द होता है ? या फिर वे गठिया के शिकार हैं ? तो सावधान हो जाएँ ये सभी लक्षण शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) के बढ़ने के कारण हो सकते हैं। आजकल तो युवा लोगों में भी ये समस्या बढती जा रही है

रक्त में बहुत अधिक यूरिक एसिड बढ़ने को चिकित्सीय भाषा में हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) कहा जाता है। यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से बहुत सी बीमारियां हो सकती हैं, जैसे गाउट अर्थराइटिस का एक दर्दनाक रूप)। यह समस्या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों जैसे हृदय रोग किडनी रोग से भी सम्बंधित है।

हमारे द्वारा खाए गए भोजन और शरीर की कोशिकाओं के टूटने की प्राकृतिक प्रक्रिया के द्वारा यूरिक एसिड बनता है।

रक्त में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण जोड़ों में ठोस क्रिस्टल (crystal) बन सकते हैं। जिसकी वजह से गाउट हो सकता है।और गाउट होने की स्थिति में बहुत ही दर्दनाक परिस्थिति हो जाती है।

साधारण भाषा में कह सकते है यूरिक एसिड खाद्य पदार्थों के पाचन से उत्पन्न एक प्राकृतिक अपशिष्ट उत्पाद है जिसमें प्यूरिन होता है। जब हमारे शरीर में प्यूरिन टूटता है तब यूरिक एसिड पाया जाता है। कुछ खाद्य पदार्थों में ज्यादातर मात्रा में प्यूरिन पाए जाते हैं जैसे:- मीट,एक प्रकार की मछली,सूखे सेम,बीयर। हमारे शरीर में भी प्यूरिन बनते और टूटते रहते हैं।

हमारा शरीर किडनी की सहायता से यूरिक एसिड को फ़िल्टर करता है और मूत्र के साथ शरीर से बाहर निकाल देता है।इसके अलावा यूरिक एसिड का कुछ भाग मल के द्वारा भी शरीर से बाहर निकलता है। यदि हम भोजन में बहुत अधिक प्यूरिन का सेवन करते हैं, या यदि शरीर इस यूरिक एसिड से काफी तेजी से छुटकारा पाने में असमर्थ है, तब शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है और ब्लड में यूरिक एसिड का निर्माण होने लगता है।

यदि यूरिक एसिड का लेवल ज्यादा बढ़ जाता है तो उस स्थिति को हाइपर्यूरिसीमिया के रूप में जाना जाता है। यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर की विभिन्न मांसपेशियों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण दर्द होने लगता है और यह दर्द बढ़ने लगता है इससे गाउट नामक बीमारी हो सकती है जो दर्दनाक जोड़ों का कारण बनती है। यह ब्लड और मूत्र को भी एसिडिक बना सकता है।

कारण

यूरिक एसिड के शरीर मे इकट्ठा होने के कई कारण है ।कुछ प्रकार के आहार के कारण शरीर में यूरिक एसिड इकट्ठा हो सकता है

मोटापा या अधिक वजन होने के कारण भी यह समस्या हो सकती है

  1. कुछ मामलो में यह आनुवंशिक होता है
  2. यदि बहुत अधिक तनाव में हैं तो भी शरीर में यूरिक एसिड इकट्ठा हो सकता है
  3. स्वास्थ्य डिसऑर्डर भी यूरिक एसिड के बढ़ने का एक कारण बन सकते हैं:
  4. गलत आहार से।गलत आहार भी बहुत बड़ा कारण है यूरिक एसिड के बढ़ने का ।
  5. किडनी में किसी तरह की बीमारी से भी यूरिक एसिड बढ़ सकता है
  6. मधुमेह (डायबिटीज )के कारण भी यूरिक एसिडका स्तर बढ़ता है
  7. हाइपोथायरायडिज्म भी एक कारण है ।
  8. कुछ प्रकार के कैंसर या कीमोथेरेपी भी यूरिक एसिड के बढ़ने का कारण होती हैं
  9. सोरायसिस – जो एक त्वचा रोग होता है के कारण यूरिक एसिड बढ़ सकता है।
  10. शरीर में आयरन ज़्यादा होने से ।
  11. हाई ब्लड प्रेशर की वजह से
  12. गुर्दो की खराबी की वजह से ।
  13. अधिक मात्रा में शराब पीना से।

यूरिक एसिड बनने के लक्षण

पैरों में दर्द, पैर के तलवे में दर्द ,जोड़ों में दर्द, एड़ियों में दर्द महसूस होने के साथ इसमें गांठों में सूजन भी हो सकती है. इसके अलावा ज्यादा देर तक बैठने या उठने पर एड़ियों में दर्द (Uric Acid Pain) होता है. यह दर्द कई बार बहुत असहनीय हो सकता है. यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षणों में शुगर लेवल का बढ़ना भी एक है. 

  1. जोड़ों के दर्द के साथ उठने बैठने में परेशानी होना
  2. हाथ और पैर की उँगलियों में सूजन के साथ दर्द होना
  3. यदि ब्लड में यूरिक एसिड का लेवल काफी ऊंचा हो गया है, और ल्यूकेमिया या लिम्फोमा के लिए कीमोथेरेपी से गुजर रहे हैं, तो आपके ब्लड में हाई यूरिक एसिड स्तर से किडनी की समस्या, या गठिया के लक्षण हो सकते हैं।
  4. किडनी की समस्याएं (गुर्दे की पथरी), या पेशाब के साथ समस्याएं हो सकती हैं।
  5. यदि किसी तरह के कैंसर हैं, तो बुखार, ठंड लगना, थकान हो सकती है और यूरिक एसिड का लेवल बढ़ सकता है (ट्यूमर कैंसर सिंड्रोम के कारण)
  6. यदि यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो गए हैं, तो एक जोड़ों में सूजन महसूस हो सकती है जिसे “गाउट” कहा जा सकता है। (नोट गाउट सामान्य यूरिक एसिड स्तर के साथ भी हो सकता है)।

यदि ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि जिन वस्तुओं के सेवन से यूरिक एसिड बढ़ता है उनका सेवन नही करना चाहिए ।

इसके अलावा हम कुछ डाइट ,हेल्थी लाइफ स्टाइल और खाने पीने के नियम अपनाकर भी इस समस्या से बहुत हद तक निजात पा सकते है

उपचार

क्या खायें:

  1. एपल साइडर विनेगेर यूरिक एसिड में बहुत लाभकारी है .1 चम्मच एप्ले साइडर विनेगेर 1 गिलास पानी में मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलेगा
  2. सेब का सिरका शरीर से यूरिक ऐसिड को हटाने में मदद करता हैं। एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेंटरी गुणों के कारण यह शरीर में क्षारीय ऐसिड संतुलन को बनाए रखता है। इसका सिरका ब्लड के पीएच वॉल्यूम को बढ़ाकर यूरिक ऐसिड को कम करने में मदद करता है।
  3. रोजाना सुबद 2 से 3 अखरोट खाएं। ऐसा करने से बढ़ा हुआ यूरिक एसिड धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
  4. हाई फायबर फूड जैसे बींस, ब्राउन राईस दलिया, ओटमील, (ब्राउन चावल) खाने से यूरिक एसिड की ज्यादातर मात्रा एब्जॉर्ब हो जाएगी और उसका लेवल कम हो जाएगा।
  5. फ्रेंच बीन जूस सबसे अच्छा घरेलू उपाय है, दिन में दो बार यह जूस लेने से उच्च यूरिक एसिड में कमी आती है।
  6. बेकिंग सोडा से भी यूरिक एसिड को कम करने में सहायता मिलेगी। इसके लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास पानी में मिलाएं और रोज 8 गिलाह पिए इस इस मिश्रण के। अब 8 गिलास रोजाना पीएं। ऐसा करने से यूरिक एसिड का लेवल कम हो जाएगा। दरअसल बेकिंग सोडा यूरिक एसिड के क्रिस्टल को तोड़ने और उन्हें खून में घोलने में मदद करता है, लेकिन ध्यान रहे कि बेकिंग सोडा ज्यादा ना लें क्योंकि इससे आपको हाई बीपी की दिक्कत हो सकती है।
  7.  चेरी एक अच्छी औषधि के रूप में जानी जाती है क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्त्व होते हैं जो यूरिक एसिड के क्रिस्टलीकरण करने से और इसे जोड़ों में जमा होने से रोकता है जिससे दर्द और सूजनमें कमी होती है।
  8. स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और जामुन ये एंटी इन्फ्लामेट्री गुणों से सम्पन्न होते हैं, शरीर में उच्च यूरिक एसिड को ठीक करने के लिए बहुत जरूरी हैं।
  9. विटामिन सी से भरपूर चीजें ज्यादा खाएं क्योंकि विटामिन सी यूरिक एसिड को यूरिन के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है।
  10. सलाद में रोज आधा या एक नींबू खाएं। इसके अलावा दिन में कम से कम एक बार एक गिलास पानी में नींबू निचोड़कर पीएं।
  11. बाहर का खाना खाने के शौकीन हैं तो तुरंत बंद कर दें और खान में फल, सब्जियां और फायबूर फूड शामिल करें। 
  12. ऐसा माना जाता है कि डेयरी उत्पाद शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ाते हैं। दूध के जगह पर सोया या बादाम का दूध पीया जा सकता हैं जो कि प्रोटीन से भरपूर होता है, सोया चंक्स को पनीर के स्थान पर और बहुत कुछ। इसका अर्थ यह नहीं है कि हम आपको कम प्रोटीन लेने का सुझाव दे रहे हैं परन्तु यदि आपके शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ रहा है तो लौ फैट वाले डेयरी उत्पादों का प्रयोग करें।
  13.  जितना हो सके ज्यादा मात्रा में अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें इससे आप अपने शरीर से यूरिक एसिड को आसानी से निकल सकते हैं इसके लिए बार बार पानी पीते रहे ।बीएचएमएस डॉ. स्वाति भारद्वाज के अनुसार अगर आप यूरिक एसिड से परेशान हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आप दिन में भरपूर मात्रा में पानी पीएं. पानी यूरिक एसिड को पतला करने में सहायक होता है और किडनी को एक्टिव करता है. इस प्रक्रिया से यूरिक एसिड यूरिन से बाहर हो जाता है.
  14. सुबह खाली पेट गर्म पानी में नींबू का रस लेना चाहिए। नींबू में पाया जाने वाला साइट्रिक यूरिक ऐसिड को खत्म करता है।
  15. कोल्ड-प्रेस्ड ऑलिव ऑयल से खाना पकाने से गाउट को ठीक करने में मदद मिलेगी क्योंकि इसमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।  अपने खाने में जैतून का तेल इस्तेमाल कर आप यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं. जैतूल के तेल में विटमिन ई काफी मात्रा में पाया जाता है, जो यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मददगार साबित होता है.
  16. अजवाईन का सेवन रोज करें। इससे भी यूरिक एसिड की मात्रा में कमी होगी।
  17.  पिंटो बीन्स में फोलिक एसिड होता है जो यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पदार्थ है। आप भी अपने यूरिक एसिड को कम करने के लिए अपने आहार में सूरजमुखी के बीज और दाल शामिल कर सकते हैं।
  18. रोज सेब खाएं। सेब में मौजूद मैलिक एसिड यूरिक एसिड को न्यूट्रिलाइज करता है जिससे ब्लड में इसका लेवल कम हो जाता है।
  19. रोज 500 मिलीग्राम विटामिन सी लेंगे तो यूरिक एसिड दो महीने के अंदर ही कण्ट्रोल हो जाएगा।इसके अलावा विटामिन सी वाले फल जैसे अमरूद आंवला, संतरा निम्बू आदि खाने से भी यूरिक ऐसिड कम होता है।
  20. आलू, बैंगन, मटर, मशरूम,और हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से यूरिक ऐसिड नॉर्मल रहता है।
  21. खूब पानी पीएं। कम से कम 2-3 लीटर पानी रोजाना पीएं। ज्यादातर परेशानी पानी पीने से दूर हो जाती हैं। पानी ज्यादा पीएंगे तो शरीर की जो गंदगी है वो शरीर से बाहर निकलेगी।
  22. रोजाना खाना खाने के बाद एक चम्मच अलसी के बीज चबाएं, यूरिक एसिड की मात्रा कम होगी।
  23. यूरिक एसिड बढ़ जाने पर अगर गठिया की परेशानी हो गई हो तो घबराएं नहीं। बथुए के पत्तों का जूस निकालकर रोजाना सुबह खाली पेट पीएं उसके 2 घंटे बाद तक कुछ ना खाएं। रोजाना ऐसा करने पर कुछ वक्त बाद यूरिक एसिड की मात्रा कम हो जाएगी।
  24. रोज नारियल पानी पिए इससे यूरिक ऐसिड कम होता है।
  25. ब्रोकली में फाइबर और विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इसका सेवन करने से यूरिक ऐसिड को कन्ट्रोल में रखा जा सकता है।
  26. लौकी के जूस से भी यूरिक ऐसिड कम होता है।
  27. जैतून के तेल में बना भोजन शरीर के लिए बेहद लाभदायक होता है। इसमें विटमिन ई अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो यूरिक ऐसिड का लेवल कम करने में सहायक है।
  28. – एलोवेरा जूस में आंवले का रस मिलाकर पीने से यूरिक ऐसिड नॉर्मल रहता है।
  29. अल्फा-अल्फा में कई तरह के विटामिन होते हैं, लेकिन यह सीरम यूरिक ऐसिड के स्तर को कम करने में मदद करता हैं। इसके अलावा अल्फा-अल्फा में एक पॉवरफुल अल्कलीजिंग गुण भी है, जो पीएच स्तर को बढ़ाकर यूरिक ऐसिड क्रिस्टल को शरीर से दूर करता है।
  30. ऐंटी ऑक्सिडेंट से भरपूर चीजें जैसे अंगूर, लाल शिमला मिर्च इत्यादि का सेवन करने से भी यूरिक ऐसिड को कम किया जा सकता है।
  31.  गाजर और चुकंदर का जूस पीने से शरीर में पीएच लेवल बढ़ता है और यूरिक ऐसिड कम करने में सहायक होता है।
  32. अन्य: ऊपर वर्णित आहार के अलावा, ताजा सब्जियों का रस, निम्बू, अजवाइन, उच्च फाइबर वाले भोजन, केले , ग्रीन टी, ज्वार और बाजरा जैसे अनाज, टमाटर, ककड़ी और ब्रोकोली, विशेष रूप से यूरिक एसिड के हाई लेवल का इलाज (Uric Acid Ka Ilaj) करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, यदि आप यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के तरीके के बारे में चिंतित हैं, तो दिए गए उत्पादों का सेवन करें।

क्या न खायें

  1.  प्यूरिन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे रेड मीट, समुद्री भोजन, ऑर्गन मीट और कुछ प्रकार के सेम और परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट और सब्जियां जैसे शतावरी, मटर, मशरूम और गोभी खाने से बचें।
  2.  एक शोध के अनुसार फ्रक्टोज युक्त पदार्थों का सेवन करने से आपको गठिया होने का खतरा दुगुना हो जाता है इसलिये जितना हो सके फ्रक्टोज युक्त पदार्थों के सेवन से बचें।
  3. यूरिक एसिड कम करने के लिए तले-भुने और चिकनाई युक्त भोजन से दुरी बना ले । घी और मक्खन से भी दूरी बनाएं।
  4. ओमेगा 3 फैटी एसिड लेने से बचें। कुछ मछलियों की प्रजाति में जैसे ट्यूना और सालमन, इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है और इन्हें खाने से यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है।
  5. खासकर यदि आप यूरिक एसिड की समस्या से परेशान रहते है तो अल्कोहोल का सेवन बिलकुल न करे, क्योंकि यह आपके शरीर को डिहाइड्रेट कर देता है। बीयर में यीस्‍ट भरपूर होता है, इसलिए इसके सेवन से बचना चाहिये।यदि चाहें तो वाइन का सेवन कर सकते हैं क्योंकि यह यूरिक एसिड के स्‍तर को प्रभावित नहीं करती।
  6. राजमा, चावल, मैदा रेड मीट ,छोले, अरबी,जैसी चीजें ना खाएं।

व्यायाम की सहायता से यूरिक एसिड पर नियंत्रण

नियमित रूप से यूरिक एसिड डाइट चार्ट का पालन करने के अलावा, यदि आप इसे कुछ हल्के व्यायामों को भी अपने जीवन में जोड़तें हैं तो यह आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन खुद को अधिक तनाव में न रखें क्योंकि व्यायाम/अभ्यास करने से स्थिति खराब नहीं होनी चाहिए। नीचे कुछ व्यायामों की एक सूची है जो आपके यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकती है:

  1. जोड़ों की कठोरता को कम करने और जोड़ों को गतिशीलता प्रदान करने के लिए आप गति वाले अभ्यास कर सकते हैं।
  2. योग और ताई ची जैसी ताकत वाले व्यायाम बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। प्रारंभिक चरणों में जटिल अभ्यासों का प्रयास न करें। इसे बाद के लिए रखें।
  3. सहनशक्ति और मजबूती बढ़ाने वाले व्यायाम।
  4. प्राथमिक स्ट्रेचिंग वाले अभ्यासभी कर सकते हैं।

यूरिक एसिड डाइट डाइट चार्ट, व्यायाम और अन्य स्वस्थ जीवन शैली में परिवर्तन लेकर यूरिक एसिड के बढे हुए लेवल के कारण होने वाली गाउट, गठिया और अन्य बीमारियों में सुधार हो सकता है। हालांकि, ये घरेलू उपाय हमेशा आवश्यक चिकित्सा उपचार की जगह नहीं ले सकते। अपने चिकित्सक द्वारा निर्देशित सभी निर्धारित दवाएं लें। आहार, व्यायाम और दवाओं का सही संयोजनसे आप यूरिक एसिड के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते है

नोट: अपने आहार में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. डॉक्टर की सलाह के बाद ही आहार में बदलाव करें. 

3 thoughts on “Uric acid ayurvedic treatment

  • May 25, 2021 at 6:41 pm
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    Bahut hi achi jankari milti hai apke blog se..

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  • June 30, 2021 at 10:53 am
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    Nice information

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