jaggery gud health benefits

गुड़ के बारे में कौन नही जानता ।गुड़ खाने में मीठा तो होता ही है पर क्या आपको पता है इस गुड़ में कितने गुण है ये स्वाद और सेहत दोनों का खजाना है गुड तीन स्टेज में बनती और ये तीनो स्टेज के अलग अलग स्वाद और अपने फायदे है ।जिनके नाम है राब काकवी गुड ।

इस अर्टिकल में हम जानेगे ककवी राब और गुड़ क्या है और इनके क्या गुण दोष है .

राब

जब गन्ने के रस को पकाते पकाते उसमे तरल भाग ज्यादा हो और ठोस भाग कम हो तो उसे हम राब कहते है

आयुर्वेद में इसके गुणों को बताते हुए कहा गया है राब पचने में बहुत भारी होती ही .यह उनके लिए बहुत अच्छी है जो लोग शारीरिक श्रम ज्यादा करते है .राब बलवर्धक है और शारीरिक श्रम वालो के लिए बहुत अच्छी मानी गई है ।

यह अभिसंधि है ये पचने में भारी होने के साथ ब्लॉकेज भी करती है जो मेहनत करने वाले है उनके लिए राब ज्यादा अच्छी है .क्योकि यह शरीर को बढ़ाती है तो ऐसे लोग जिनकोअपना वजन बढ़ाना हो और सभी धातुओ को पोषण देने हो आकार बढाना हो शक्ति बढानी हो उनके लिए राब सबसे अच्छी ही

यह वात वाले लोग जिनकी अग्नि अच्छी ही कमजोर हो और जो लोग अपना शुक्र धातु बढाना चाहते ही उनके लिए राब बहुत अच्छी है

वात पित्त के रोगों में या शरीर कमजोर हो गया है और किसी पुरानी बीमारी की वजह से शरीर सूख रहा हो उनके लिए राब फायदेमंद है जो मजदूर है ज्यादा मेहनत करते है उनको राब का प्रयोग करना चाहिए

इससे पेसाब खुलकर आता है .ये यूरिनरी सिस्टम को क्लीन करने का काम करता है

काकवी

गुड को पकाते पकाते पकाते अगली स्टेज आती है जिसे काकवी कहते है काकवी अर्थात जब गन्ने के रस को पकाते पकाते जब उसके अंदर का लिक्विड भाग कम हो जाये और सॉलिड भाग ज्यादा हो जाये तो उसे हम काकवी कहते है .ये हलकी है पाचन के लिए आसानी से हजम हो जाती है ये शरीर को बल देती है ताकत देती है जिनको अपने शारीर को बलवान बनाना है उनके लिए काकवी अच्छी है

जो लोग पतले है जिनका शारीर सुख गया है उनके लिए काकवी फायदेमंद है ।पतले लोगो के लिए ककवी बहुत अच्छी चीज है।राब की तरह ये भी वात पित्त को कम करती हैं रक्त सम्बंधित रोग में फायदेमंद है कही से रक्त स्त्राव हो रहा हो तो उसमें ककवी बहुत फायदेमंद मानी गई है

गुड़

गन्ने के रस को पकाते पकाते जब पूरा भाग सॉलिड हो जाये तो उसे गुड़ कहते हैं। गुड दो तरह का मान गया है नया गुड पुराना गुड .दोनों के लाभ अलग अलग हो जाते है तो आइये हम जानते है नया गुड और पुराने गुड के स्वस्थ्य लाभ के बारे में.

नया गुड

तुरंत का बना हुआ गुड और 6-7 महीने तक का गुड नया माना जाता है नया गुड पचने में भारी होता है शरीर बनाए के लिए चर्बी बढ़ाने के लिए उपयोगी होता है

नया गुड शारीर में पित्त बढाता है पित्त के रोगियों को इसका उपयोग कम करना चाहिए ।

गुड़ चर्बी बढाता है कफ बढाता है जिनको नींद नहीं आती जो कमजोर है उनको लिए ये अच्छा है जिनके शरीर मे कीड़े बहुत होते हैं ऐसे लोगो को नए गुड खाने से परहेज करना चाहिए। या कम खाना चाहिए जैसे कुछ बचो को पेट मे कीड़े की शिकायत रहती है तो उन्हें नया गुड़ कम खिलाना चाहिए ।

गुड़ बलवर्धक कहा गया है और राब काकवी गुड तीनो शारीर में बल बढाने का काम करती है और विशेष रूप से शुक्र धातु को ताकत देता है ।

पुराना गुड़

पुराना गुड़ मिले जो कि 6-7 महीने से ज्यादा पुराना हो तो वो सबसे ज्यादा लाभकारी होता है आयुर्वेद के अनुसार पुराना गुड सर्वश्रेष्ठ है ।यह पचने में हल्का होता है बीमारियों को खत्म करने के लिए ज्यादा अच्छा है

जिनको वजन कम करना है हृदय रोग है जो बीमार है उनके लिए पुराना गुड अच्छा है

हृदय के रोग लिए फायदेमंद है ।हृदय रोग में कभी कभी डर बहुत लगता है यदी दिल की धड़कने बढ़ जाती है उनके लिए अच्छी है आयुर्वेद के अनुसार शुगर के बीमारी में भी पुराना गुड खाया जा सकता है ।

पुराना गुड पचने में हल्का है और पाचन अग्नि को बढ़ाता है।पुराना गुड वातनाशक है जोड़ो के दर्द स्वाश की समस्या सूखी खासी में फायदेमंद है ड्राई स्किन बाल के झड़ने हड्डियों में से आवाज आना इन सब बीमारियों में गुड़ बहुत फायदेमंद है

वात कफ पित्त तीनो रोग में पुराना गुड़ का उपयोग किया जा सकता है

वात के रोग में गुड़ को सोंठ के साथ उपयोग करना चहिये वात के 80 से ज्यादा रोगों में पुराना गुड लाभकारी है अगर साथ के साथ उपयोग किया जाय

पित्त सम्बंधित बीमारी में जलन एसिडिटी होने पर हर्रे के साथ गुड का उपयोग लाभकारी होगा .

कफ सम्बंधित रोगों में सर्दी खासी फैटी लिवर hypothyroid में गुड़ को अदरक के साथ उयोग करें.

अदरक गुड़ को एक साथ उपयोग करे तो कफ संबंधित सभी रोगों में फायदेमंद होगा

सफेद और पीला गुड़ न ले केवल काला गुड़ ही अच्छा होता है ।सफेद पीले गुड़ में मिलावट होती है ।

जितना पुराना गुड होगा उतना लाभकारी होगा।3 साल पुराना गुड भी खाया जा सकता है


गुड़ हड्डियों को मजबूत करने के लिए फायदेमंद है. . गुड़ में कैल्‍शियम और फास्‍फोरस खूब पाए जाता हैं. ये दोनों तत्‍व हड्डियों को मजबूत करते हैं.

गुड़ खाइये स्वाथ रहिये

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