alovera use in garden

पौधों के विकास और जड़ों के विकास में उपयोगी.

एलोवेरा के औषधीय गुण से तो पूरी दुनिया परिचित है .पर क्या आपको पता है मानव-उपयोग के अलावा, पौधों के लाभ के लिए एलोवेरा के औषधीय गुण चमत्कारिक हैं अलोवेरा आपके पौधे के लिए भी एक वरदान की तरह है अलोवेरा में पौधों के ग्रोथ के हारमोंस होते हैं जो नई जड़ वृद्धि को प्रोत्साहित करने में मदद करते हैं, बीज अंकुरण में सहायता करते हैं, और प्रत्यारोपण सदमे(transplant shock) को कम या रोक सकते हैं. जब हम नए पौधे लगाते हैं तो कोसिस करे उन्हें एलोवेरा के पानी से सींचे उसके लिए या तो फिर एलोवेरा टॉनिक का इस्तेमाल करें या फिर पानी में एलोवेरा मिलाकर पौधों को दें

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पोषक तत्व संचायक के रूप में, एलोवेरा में 75 से अधिक सक्रिय घटक मौजूद हैं , जिसमें अमीनो एसिड, एंजाइम, लिग्निन, पॉलीसेकेराइड, खनिज, विटामिन (ए, सी, ई, और बी 2, 3, 5, 6, और 12) शामिल हैं। कोलीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और बहुत कुछ। ये चीजें संयुक्त रूप से अलोवेरा को पौधों के लिए एक प्राकृतिक, हल्का लेकिन शक्तिशाली “उर्वरक” बनाती हैं। इस सुपरफूड जैसे टॉनिक का उपयोग जड़ों के विकास, कोशिका शक्ति और सम्पूर्ण पौधे की जीवन शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है!

रोग प्रतिरोधक क्षमता और लचीलापन

एलोवेरा पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। इसमें पौधों के स्वास्थ्य के लिए तीन बहुत महत्वपूर्ण यौगिक होते हैं: ऐसमैनन, सैपोनिन और सैलिसिलिक एसिड

ऐसमैनन एलोवेरा में एक चिकित्सीय यौगिक है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है और इसमें एंटीवायरल, जीवाणुरोधी, एंटीट्यूमर और एंटीफंगल गुण होते हैं। यह घाव भरने में भी मदद करता है। सैपोनिन पौधे को हानिकारक रोगाणुओं, yeast, fungi मोल्ड से बचाने में मदद करते हैं।

सैलिसिलिक एसिड पौधे के प्रणालीगत अधिग्रहित प्रतिरोध ( systemic acquired resistance) को बढ़ाकर रोगजनकों के खिलाफ स्थानीय और प्रणालीगत पौधों की रक्षा करता है। एसएआर अनिवार्य रूप से मानव प्रतिरक्षा प्रणाली के समान पौधा है। यह पौधे की रक्षा करता है और पर्यावरणीय तनावों जैसे सूखा, द्रुतशीतन, गर्मी, भारी धातु विषाक्तता और तनाव के प्रति इसके इम्यून को बढ़ाता है

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बगीचे में एलोवेरा का प्रयोग

लोवेरा के सूक्ष्म द्रव्य

एलोवेरा और पानी को अच्छे से मिलाकर उस मिश्रण को अपने पौधों को दे इससे पौधों को सीधे खाद की आपूर्ति होती है इस खाद को नए रोपे गए पौधों, नए लगाए गए पेड़ों , तनावग्रस्त पौधों, या कभी-कभी, हमारे पौधों के लिए एक विशेष उपचार के रूप में करते हैं! इस खाद का एक और उपयोग अंकुरण में सहायता के लिए,जब हम बिज लगाते है तो इस मिटटी मको अलोवेरा वाले मिश्रण का पानी देगे तो अंकुरण स्वस्थ होगा .

एलो वेरा का खाद कैसे तैयार करें

  • पूरे एलोवेरा के पत्तों को बड़े टुकड़ों में काट लें, एक ब्लेंडर में पानी के साथ मिलाएं और उन्हें ब्लेंड करें! ध्यान दें कि यह झाग बन जाएगा, इसलिए अपने ब्लेंडर को पूरी तरह से पानी से न भरें। थोडा जगह छोड़ दें
  • उस मिश्रित घोल को और पानी में मिलाएँ ताकि वह और अधिक पतला हो जाए । उदाहरण के लिए, 5-गैलन बाल्टी पानी में एलोवेरा-पानी से भरा एक ब्लेंडर मिला लें फिर पौधों में आवश्यकता अनुसार डालें

पर्ण स्प्रे(foliars pray)

एलोवेरा के घोल को पत्तों पर स्प्रे के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे “फोलियर फीडिंग” के रूप में भी जाना जाता है।

पत्तों के छिड़काव का उद्देश्य क्या है?

पौधे सूक्ष्म पोषक तत्वों और एंजाइमों को अपनी जड़ों की तुलना में सीधे अपनी पत्तियों के माध्यम से तेजी से और जल्दी अवशोषित करते है और पौधों के बढ़त में उपयोगी होते हैं नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे मुख्य मैक्रोन्यूट्रिएंट अभी भी मिट्टी से सबसे अच्छे तरीके से प्राप्त होते हैं। लेकिन जब आप किसी पौधे को थोड़ा अतिरिक्त खाद देना चाहते हैं, या उसे किसी कमी, बीमारी या तनाव से उबरने में मदद करना चाहते हैं, तो एलोवेरा के साथ थोड़ा पत्तों पर स्प्रे करना पौधों के हेल्थ के लिए अच्छा होता है !

एलोवेरा फोलिएर स्प्रे कैसे बनाएं ?

एलोवेरा जेल का स्प्रे बनाने के लिए सिर्फ जेल का इस्तेमाल करें . पत्तियों के साथ अगर इसे ब्लेंड करेगे तो ये पूरी तह से ब्लेंड नही होगा और इसकी पत्तियां स्प्रे बोतल में फँस कर आपका स्प्रे भी ख़राब कर देगी जेल निकालने के बाद बचे हुए पदार्थ को मिटटी में डाल दें .

चूँकि पौधे अपनी जड़ों की तुलना में पत्तों से पोषक तत्वों को अधिक आसानी से ग्रहण करते हैं, इसलिए पत्तों पर स्प्रे के लिए मिट्टी की तुलना में कम एलोवेरा की आवश्यकता होती है । एक सुझाई गई खुराक 1 गैलन पानी में केवल दो से तीन चम्मच ताजा एलो जेल काफी है । इसके लिए केवल एक छोटा पत्ता पर्याप्त होगा! पौधों की पत्तियों पर समान रूप से तब तक स्प्रे करें जब तक वे टपकने न लगें.

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एलोवेरा से कीटनाशक (slivers insecticide pesticide)

एलोवेरा को छोटा छोटा काट लें और एक बर्तन में पानी डालकर 5 से ६ घंटे के लिए रख दें प्याज के छिलके को जो हमारे रसोई से कूड़े में जाता है उसे भी आप उसी एलोवेरा के बर्तन के पानी में रख दे तीसरा सामग्री लहसुन को लेकर उसको खलबट्टे में कूट ले अच्छे से और अलोवेरा के ही बर्तन में डाल दें । अब 5 से ६ घंटे के या फिर १२ से २४ घंटे के लिए इस को छोड़ दे। ५से ६ घंटे के बाद प्याज अलोवेरा और लहसुन के मिश्रण को छान लें और स्प्रे बोतल में भर दें .ये बहुत ही अच्छे किटनाशक का काम करता है ।

bioenzyme

अलोवेरा के bioenzyme का पौधों पर बहुत ही अच्छा परिणाम है ।इसके पोषक तत्व पौधों की ग्रोथ और रोगमुक्त करने में बहुत सहायक हैं ।

सामग्री

एलोवेरा

ऐलोवेरा एक टॉनिक की तरह पौधों में उपयोग कर सकते है .यह पौधो की बढ़त के लिए बहुत ही उपयोगी है।

गुड(jaggery)

गुड किसी भी चीज के डीकम्पोस्ट करने की प्रक्रिया को तेज कर देता है अगर कोई decomposer नही है तो उसकी जगह गुड़ का उपयोग कर सकते है

एयरटाइट 2 लिटर बोतल

समय 90 दिन

विधि

आप एलोवेरा की कुछ पत्तिय ले लीजिये ।उसको किसी मिटटी के मटके या फिर एयर टाइट बोतल रख लीजिये 500 ग्राम एलोवेरा में 500 ग्राम गुड 2 लीटर पानी में मिलाना है .एलोवेरा को छोटे छोटे टुकड़े में काट ले याद रखिये एलोवेरा कभी भी मिक्सी में ग्राइंड न करें उसके छोटे छोटे टुकड़े में काट दें. 2 लीटर पानी में 500 ग्राम गुड डाले कटा हुआ एलोवेरा डालें और इसे एयर टाइट कंटेनर में भर दें.एयर टाइट बोतल को दिन में एक दो बार बिच बिच में हल्का खोलकर गैस निकालते रहें वरना बोतल फटने की सम्भावना रहती है .एयर टाइट कंटेनर में ।गैस से धीरे धीरे bioezyme बनकर 90 दिनों में तैयार होता है।90 दिनों के बाद आप इसका उपयोग सभी पौधों की जड़ों में और पत्तियों पर छिडकाव के लिए कर सकते हैं .इसका 20 m.L 2 लीटर पानी मे उयोग किया जा सकता है।

क्लोनिंग कटिंग लगाने में उपयोगी

बगीचे में एलोवेरा का एक अंतिम उपयोग प्राकृतिक रूटिंग हार्मोन के रूप में होता है। नए पौधों को कटींग से लगाने के लिए अलोवेरा का उपयोग किया जाता है एलोवेरा नई कटिंग के लिए तेजी से जड़ों के विकास में सहायता कर सकता है। यह अंजीर के पेड़ से लेकर मिल्कवीड से लेकर हर तरह के पौधो में उपयोग की जा सकती है

एलोवेरा पर हमारी ये जानकारी आपको कैसे लगी जरूर बताइयेगा ।

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