how to care for rose plant

how to care for rose plant गुलाब को फूलों का राजा कहा गया है।बागवानी के शौक़ीन लगभग 90 % लोगो की पसंद गुलाब होती है गुलाब की सुन्दरता बर्बस ही हमारा ध्यान अपनी तरफ खीच लेती है अगर बगिया में गुलाब के ढेर सारे पौधे लगे हों तो आस-पास का वातावरण भी सुंदर लगने लगता है, गुलाब की बहुत से वैरायटी होती है वैसे साधारणतया दो तरह के गुलाब का वर्गीकरण किया गया है पहला देसी गुलाब दूसरा इंग्लिश गुलाब .देसी गुलाब पुरे साल फूल देता है और बहुत ज्यादा देखरेख की भी जरूरत नही पड़ती पर इंग्लिश गुलाब को देखरेख की जरुरत पड़ती है .और ये सर्दियों में फूल देते है गर्मियों में इनमे फूल आना लगभग बंद हो जाते है .गुलाब भारत के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में उगाया जाता है। दूसरे अन्य फूलों की तुलना में गुलाब का व्यावसायिक महत्व सबसे ज्यादा है। गुलाब बहुवर्षीय पौधा है। इस पौधे को रोपते समय वातावरण का ठंडा होना जरूरी है। सूरज की रोशनी का गुलाब के पौधों पर गहरा असर होता है। इसे तेज धूप की जरूरत होती है, लेकिन ज्यादा प्रकाश की तीव्रता और कम तापमान में इसमें फूल नहीं आते।

कीट-पतंगों से बचाव गुलाब के पौधों पर एफिड की प्रजातियों का हमला होता है। हरे रंग वाला एफिड इसे नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा लाल मकड़ी, रेड स्केल, रोजवेफर जैसे कीट इनकी पत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके लिए इनमें कीटनाशकों का इस्तेमाल करना चाहिए।

गुलाब उगाने का सही समय – ( उत्तर भारत के अनुसार )

अक्टूबर से दिसम्बर तक

तापमान – 15° से 25° तक अच्छा है

इसके अलवा भी गुलाब का पौधा लगाते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मिट्टी हो ऐसी गुलाब को बलुई, दोमट मिट्टी, जिसमें कार्बनिक पदार्थ की मात्रा भरपूर हो, की जरूरत होती है। चिकनी मिट्टी में गुलाब फलता फूलता नहीं है। इसमें गोबर की खाद, फास्फोरस, पोटाश और दूसरे पोषक तत्व को मिलाकर मिट्टी तैयार करनी चाहिए। मिट्टी में गोबर की खाद और अन्य उर्वरक मिलाने के बाद भुर-भुरी होने पर क्यारी बनानी चाहिए और पौधे के लिए मिट्टी को नम रखना चाहिए।

यों तो गर्मियों को छोङकर गुलाब पूरी साल कभी भी उगाया जा सकता है। लेकिन बारिश के मौसम के बाद और सर्दियों से पहले का मौसम गुलाब उगाने के लिये सबसे अनुकूल समय होता है। अक्टूबर के मध्य से दिसम्बर के आखिरी सप्ताह तक गुलाब को बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है।

गुलाब उगाने के तरीके

लगाने का तरीका वैसे तो गुलाब के फूलों को सुखाकर उनके बीज तैयार किए जाते हैं। लेकिन इसे गुलाब की कलम द्वारा भी लगाया जा सकता है। यह सबसे सरल और कम लागत वाली विधि है।

गुलाब को बीज से उगाना

पर्वतीय भारत के कुछ स्थानों को ( शिमला ,कश्मीर, हिमाचल आदि ) छोङकर कही भी गुलाब बिज से आसानी से नही उगाया जा सकता गुलाब को बीज से उगाने के लिये ठन्डे मौसम की आवश्यकता होती है। गुलाब का बीज अंकुरित होने में एक महीने या उससे भी अधिक समय लेता है और इतना लम्बा समय भारत में ठण्ड रहता नही इसलिये बीज से गुलाब उगाना यहां उचित नही होता और सफलता की सम्भावना कम होती है .और भरता में अच्छी क्वालिटी के बीज भी उपलब्ध नही होते .बीज या तो बहुत पुराने मिलते है या या नकली होते है .जो की अंकुरित ही नही होते है इसलिए आप कोशिश करें कि गुलाब को बीज से ना उगायें  ।अगर आप यूरोपीय देशों में रहते हैं तो वहां पर गुलाब को बीज से आसानी से उगाया जा सकता है।

कटिंग से गुलाब उगाना – 

अगर आप भारत में रहते हैं तो फिर कटिंग से गुलाब उगाना आपके लिए सबसे आसान और बढ़िया रहेगा। सर्दियों की शुरुआत होते ही गुलाब के पौधे की टहनियां की छोटी-छोटी कटिंग से आप गुलाब के बड़े सुंदर पौधे तैयार कर सकते हैं ।

एक साल पुरानी गुलाब की कलमों का इस्तेमाल किया जाता है। कलम लगाने के बाद उनमें अच्छी तरह जड़ें और तना विकसित होने के बाद उन्हें दूसरे स्थान पर रोपित करना चाहिए।

सिंचाई-देखभाल

पौधे रोपने के बाद गुलाब के पौधों को फुहार विधि से सींचना चाहिए। अगर पौधे गमले में लगाए हैं तो उन पर ऊपर से पानी का छिड़काव करना चाहिए। इससे पौधों में शाखाएं जल्दी फूटती हैं।

पानी की मात्रा पौधे की वृद्धि और सूर्य की रोशनी की तीव्रता पर निर्भर करती है। गुलाब के पौधे में अधिक पानी की जरूरत होती है।

गुलाब के पौधों में पानी सुबह 9 से शाम 3 बजे के बीच देना चाहिए।

गुलाब के पौधों की वृद्धि के लिए अन्य पौधों की भांति नाइट्रोजन युक्त खाद देनी चाहिए इसके अलावा खाद में नाइट्रेट, फास्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैग्नीज, सल्फर जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व गुलाब के फूलों के लिए अति आवश्यक हैं।

समय-समय पर इनमें आने वाली खरपतवार निकाल देनी चाहिए और मिट्टी की निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिए।

गुलाब की डंडियों को सीधा रखने के लिए इन्हें सहारा देने के लिए लोहे के या प्लास्टिक के पाइप लगाने चाहिए।

एक गमले में गुलाब का पौधा लगाने के तरीके

कंटेनर या गमले का चुनाव 

गुलाब पौधे की आवश्यकता के अनुसार गमले का चयन करें .जब पौधा छोटा हो तो छोटे गमले का चयन कर सकते है .पर जब पौधा परिपक्व (mature) हो जाये तो उन्हें दुसरे बड़े साइज़ के गमले में शिफ्ट कर देना चाहिए . 12 इंच (30.5 सेंटीमीटर) गमले में छोटे गुलाब लग जाता है, जबकि फ्लोरिबुन्ड और हाइब्रिड के लिए १५ इंच (38 सेमी) की आवश्यकता होती है। बड़े संकर और वृक्ष गुलाब 18 इंच (45.7 सेमी) या इससे अधिक बड़े मापने वाले कंटेनरों में होना चाहिए। एक बात को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि गमले में अच्छा जल निकासी होनी चाहिए।

हल्के कंटेनर का प्रयोग करें यदि आप अपने गुलाब के पौधे की स्थिति या क्षेत्र बदलना चाहते हैं। प्लास्टिक से बना गमला उपयोग करिये या ग्रो बैग्स अच्छा होगा।

गुलाब के लिए मिट्टी

गमले में गुलाब का लगाने के लिए, गुलाब के पौधे के लिए मिट्टी बनाने के लिए साधारण मिट्टी 50%, गोबर खनिज 30%, नीम केक पाउडर 10%, और रेत 10% ले सकते हैं .

  • how and when to fertilize the rose plant in Hindi

गुलाब के लिये सबसे अच्छी खाद – 

गुलाब सबसे ज्यादा फूल देने वाला पौधा है। इसलिए इसे ज्यादा खाद की जरूरत पड़ती है अगर आप चाहते हैं कि आपके गुलाब के पौधे पर र बहुत ज्यादा फूल आए तो आपको गुलाब के पौधे में समय समय से खाद देते रहना होगा। आज हम आपको बताने वाले हैं कि आप अपने गुलाब के पौधे में किस तरीके की और कौन सी खाद दे सकते हैं ? जिससे आपका गुलाब का पौधा स्वस्थ और बढ़िया बना रहे।

खाद – 

1- जैविक खाद 

2- रासायनिक खाद

जैविक खाद 

गोबर खाद  ( cow dunk fertilizer )

सरसों खली की खाद

केले के छिलके की खाद

कम्पोस्ट खाद ( compost khad )

वर्मी केंचुआ खाद varmi compost )

चाय की पत्ती की खाद ( tea leaves fertilizer)

प्याज के छिलके की खाद ()

पत्तियों की खाद ( leaf compost )

उपरोक्त दी गयी खादों के अलावा भी कुछ और जैविक खाद तैयार की जाती है जिन्है आप अपने गुलाब के पौधों में प्रयोग कर सकते हैं। https://ayurvedailaj.com/17-type-free-organic-fertilizer/

जैविक खाद use करने के फायदे – 

1-जैविक खाद से पौधा लम्बे समय तक अच्छे फल और फूल देता है फूल का आकार ,रंग और खुशबू और भी अच्छी हो जाती है .

प्राकृतिक खाद देने से मिट्टी की मूल संरचना में बदलाब नही होता मिटटी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बरकरार रखती है कोई भी पौधा समय से पहले मरता नही

2- जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी बंजर होने से बच जाती है साथ ही साथ वातावरण भी अच्छा रहता है।

3- जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी में अच्छे कीटों की संख्या बढ़ जाती है जो पौधों के विकास के लिए जरुरी तत्त्व होते है । जिससे आपको बार – बार ज्यादा खाद देने की जरूरत नही पड़ती।

4- जैविक खाद के प्रयोग से न सिर्फ मिटटी और पर्यावरण सुरक्षित रहता है बल्कि पैसों की भी बचत होती है। ज्यादातर जैविक खाद हमारे आसपास मिल जाती है पशुओं के गोबर से पेड़ों की पत्तियों से रसोई से निकले कूड़े से फलो के छिलकों से हम अपने प्रयोग के लिए अच्छे खाद बना सकते हैं मुफ्त में 17 तरह के खाद के बारे में हमने पूरी जानकारी दी है इससे हमारा बहुत सारा पैसा बच जाता है और अपने प्रयोग के लिए बढ़िया खाद भी मिल जाती हैं।

हमें केवल गुलाब में ही नहीं बल्कि सभी पौधों में जैविक प्राकृतिक खाद का प्रयोग करना चाहिए। जिससे हमारे पौधे भी अच्छे रहेगें और हमारा स्वस्थ्य भी सही रहेगा .

रासायनिक खाद 

यूरिया

म्यूरियेट आफ पोटाश

राक सल्फेट

कैल्शियम

सिंगल सुपर फास्फेट

अमोनियम नाईट्रेट

एमोनियम सल्फेट

जिंक सल्फेट

चिलेटेड जिंक

ज्यादातर रासायनिक खाद की उपयोगिता नाइट्रोजन की मात्रा के हिसाब से काम आती है।

रासायनिक खाद बहुत जल्दी पौधे की ग्रोथ शुरू कर देते हैं। लेकिन रासायनिक खाद के अन्धाधुन्द प्रयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता खराब हो जाती है।

गुलाब के छोटे पौधों को मरने से कैसे बचायें

कटिंग से गुलाब उगाते समय गुलाब की शाखा से अंकुरण बहुत जल्दी हो जाता है। लेकिन उसमें जड़े 30- 40 दिन बाद बनना शुरू होती है। इस बीच अगर गुलाब के छोटे पौधों की देखरेख ना की जाये तो पौधे सड़कर मर जाते हैं । पौधों को सड़कर मरने से बचाने के लिये आप निम्न कार्य जरूर करें।

कटिंग से अंकुरण होने के बाद गमले/ पौधे को फंगस से बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा धूप में रखें जिससे मिट्टी में फंगस आदि नही लगेगा। पौधे को भरपूर धूप मिलने से भोजन अच्छी मात्रा में प्राप्त होगा इससे पौधा तेजी से ग्रोथ करेगा।

दीमक से बचाव के लिये समय समय पर पौधों में दीमक- रोधी दवा प्रयोग करते रहें।

गमले में पौधा लगाते समय मिट्टी में कुछ मात्रा लकङी के कोयले की मिला लें कोयले से भी फंगस नही आता।

गुलाब में खाद कब और कितने दिन पर दें

गुलाब लगभग पूरे साल फूल देता है। देसी गुलाब में तो पुरे साल अच्छे फूल आते है पर इंग्लिश गुलाब में फूल कम हो जाते है गर्मियो के सीजन में.गुलाब का सीजन सर्दियों का है

गुलाब में गर्मी में खाद देने का का समय

गर्मी के मौसम ( अप्रैल से जून ) में गुलाब के पौधे में ज्यादा खाद ना दें क्योकि मौसम में  तापमान वैसे ही अधिक रहता है और पौधे फूल भी कम देते है खाद देने से पौधा जल सकता है। इसके अलावा नाइट्रोजन की अधिकता वाली खाद तो इस मौसम में ना के बराबर ही दें

खाद देने का अन्तराल

15 से 25 दिन में एक बार 50 से 200 ग्राम compost या गोबर खाद दे सकते हैं । रासायनिक खाद में NPK – 191919  दो लीटर पानी में 5 ग्राम मात्रा 40 दिन में एक बार देनी चाहिये। यूरिया का प्रयोग ना करें।

गोबर / Compost / vermi compost  खाद की 50- 200 ग्राम मात्रा गुलाब के पौधे में  20 से 25 दिन में दे सकते हैं।

banana peel fertilizer / tea leaves fertilizer खाद की 100ml मात्रा गुलाब के पौधे में 2 25-30  दिन में एक बार दी जा सकती है।

लिक्विड फ़र्टिलाइज़र हर 10 दिन में दे सकते है लिक्विड फ़र्टिलाइज़र पौधों को तुरंत एनर्जी देता है

सर्दी में गुलाब में खाद देने का अन्तराल –

सर्दी के मौसम में गुलाब के पौधे को खाद की ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि सर्दी के मौसम में गुलाब पर ज्यादा फूल आता है

गोबर / कम्पोस्ड खाद या वेर्मी कम्पोस्ट महीने में दो बार 100-200 ग्राम मात्रा 

गुलाब के पौधे में दी जा सकती है।

Banana peel खाद सरसों खली खाद – अगर मौसम में धूप की कमी हो कोहरा छाया रहता हो तो इस मौसम में Banana peel fertilizer और सरसों खली की खाद का प्रयोग ना करें क्योकि धूप की कमी से कभी कभी यह फंगस पैदा कर देती है।

रासायनिक खाद

DAP, NPK आदि रासायनिक खाद महीने में एक बार प्रयोग की जा सकती है लेकिन मात्रा सीमित रखनी चाहिये क्योकि रासायनिक खाद के ज्यादा प्रयोग से मिट्टी खराब हो जाती है और फिर आप उस मिट्टी कुछ उपजा भी नही सकते।

गुलाब में खाद देने का तरीका – 

गुलाब के पौधे में खाद देने से पहले उसमें पानी देकर दो-तीन दिन गमले को धूप में छोड़ देना चाहिए। जब मिट्टी हल्की भुरभुरी हो जाए तो मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर दें और फिर से गमले को 2 दिन धूप लग जाने दे। गुलाब के पौधे में धूप लगाने से फंगस आदि पैदा करने वाले बैक्टीरिया मर जाते हैं। इसके बाद आप गुलाब में कोई भी खाद दे सकते हैं। खाद देने के बाद पौधे में सिंचाई कर देनी चाहिए ।कभी भी रासायनिक और जैविक खाद एक साथ ना दें .

 गुलाब के पौधे के रोग

गुलाब में सबसे खतरनाक बीमारियां blackspot, powdery mildew आदि हैं। गुलाब पर, फंगल रोग न हो इसलिए समय-समय पर फंगल कीटनाशकों का उपयोग गुलाब में किया जाना चाहिए। हफ्ते में एक बार कीटनाशक का उपयोग कर सकते हैं.

गुलाब पौधे के लिए कुछ देखभाल

  • गुलाब को रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे सूर्य की रौशनी की जरूरत होती है। इसलिए गमला ऐसे स्थान पर जहा पूर्ण सूर्य की रौशनी आती हो,
  • गर्मी के दीनों में, दिन में दो बार गमले मे पानी देना चाहिए जैसे सुबह एक बार और शाम को एक बार।
  • दुबारा पानी डालने से पहले मिट्टी की नमी की जाँच करें। मिट्टी के ऊपर के सतह (2.5 सेमी) में अपनी उंगली को लगाएं यदि मिट्टी सुखी लगती है, तो आपके गुलाब को पानी की तुरंत जरूरत है।
  • गुलाब को पानी का छिडकाव विधि से सींचना चाहिए यानि की गुलाब को showering पसंद है .और पौधे जल्दी बढ़ते है।
  • गुलाब के पौधे में कांटे होते है, इसलिए यह चुभ सकते है। आप चाहें तो दस्ताने का उपयोग करना मत भूलना। 
  • फूलों के मौसम से एक महीने पहले अपने गुलाब छाटना ना भूलें। छंटाई का उद्देश्य अपने गुलाब के आकर्षक आकार को बनाए रखना और अच्छे फूल को प्रोत्साहित करना है। आप पौधे की वृद्धि और वांछित आकार के अनुसार अपनी हद तक तय कर सकते हैं। आम तौर पर, मूल आकार के 1 / 3rd से 2 / 3rd के लिए छंटाई अनुशंसित है। छंटाई के दौरान सभी मृत, मरने, पतले या कमजोर टहनी को हटा दें।
  • गुलाब के पौधे के आस पास प्रत्येक वसंत ऋतु में एप्सॉन नमक (Epson Salt) का एक बड़ा चम्मच डालें । पौधे के आधार के आसपास Epson Salt छिड़कें यह पत्ते के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए मैग्नीशियम की एक अतिरिक्त खुराक प्रदान करता है। 

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