नर्सरी से लाने के बाद आखिर क्यों मर जाते है पौधे ?

नर्सरी से लाने के बाद पौधे क्यो मर जाते है।आज का ये लेख इन्ही गलतियों पर है जो अक्सर हम नर्सरी से पौधे लाने के बाद करते है ।

बागवानी बिल्कुल वैसा है जैसे एक छोटे से शिशु का पालन पोषण करना। जैसे शिशु अपनी परेशानी नही बता पाता उसे देखकर ही उसकी परेशानी को समझने की जरूरत होती है वैसा ही कुछ पौधों के बारे में में भी होता है।पौधों की जरूरत को भी हमें समझना पड़ता है उनकी समस्या क्या है उसके बारे में जानना पड़ता है । पौधों की प्रकृति को समझना पड़ता है ।आज का विषय है नर्सरी से लाने के बाद पौधे क्यों मर जाते है हम क्या गलतिया करते है उनके बारे में बताएगे।

1 नर्सरी में पौधों का चुनाव कैसे करें?

नर्सरी में में पौधों का चुनाव करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है पौधे स्वस्थ हो ,उनमे किसी तरह का रोग न लगा हो।अगर आपने ऐसे पौधे का चुनाव कर लिए जो इन्फेक्टेड हो तब वो तो खराब होगा ही साथ ही आपके पुरे बगीचे के पौधे को भी इन्फेक्टेड कर देगा। कोसिस करें की नए पौधे खरीदें ताकि उनकी उम्र भी आपके बगीचे में ज्यादा हो और आपका पौधा भी बहुत जल्दी खराब ना हो

2)पौधा लाने के बाद, गमले में कब लगाए?

नर्सरी से पौधा लेने के बाद उसे तुरंत दूसरे गमले में ना लगाएं कुछ दिनों के लिए उसे वैसे ही अपने सभी पौधों के साथ रखें ताकि वह आपके जगह से परिचित हो जाए ।जब नर्सरी से हम पौधे लाते हैं तो वहां का वातावरण दूसरा होता है और हमारे घर का वातावरण दूसरा होता है दोनों वातावरण के बीच अंतर की वजह से कभी कभी पौधे शॉक में चले जाते हैं और खराब हो जाते हैं इससे बचने के लिए बेहतर है कि पौधों को कुछ दिनों के बाद दूसरे गमले में में लगाया जाए।जब आपके घर के वातावरण को स्वीकार करले तो 3 से 4 दिन के बाद ही दूसरे गमले में लगायें

3) नर्सरी के पौधे कैसे लगाएं?

नर्सरी नर्सरी से जब पौधे घर के लिए आते हैं,तब हमें देख लेना चाहिए कि कहीं पौधे छोटी प्लास्टिक के छोटे बर्तन में तो नहीं लगे हैं कभी-कभी नर्सरी वाले छोटे प्लास्टिक के बर्तन के साथ ही ग्रो बैग में पौधों को लगा देते हैं ।वहां तो बहुत ही छोटे होते हैं इसलिए बच जाते हैं खराब नहीं होते है परंतु जब उन पौधों को घर ले जाते हैं प्लास्टिक के छोटे छोटे गमले हटाते नहीं हैं और उनक साथ ही हम बड़े गमले में लगा देते हैं तब जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता है उसकी जडें भी विकसित होटी हैं परंतु प्लास्टिक के बर्तन की वजह से जड़ें बहुत ज्यादा विकसित नहीं हो पाती हैं और पौधा धीरे धीरे मरने लगता है इसलिए जब भी नर्सरी का पौधा दूसरे गमले में लगाये तो उसमें जरूर जांच ले कि प्लास्टिक की छोटी पॉट के साथ तो नही है अगर है तो उसे किसी भी धारदार चीज से उस छोटी टोकरी को काट के निकाल दे फिर पौधा लगाए।

4) चिकनी मिट्टी को हटाना

जब हम नर्सरी से पौधे ले आते हैं तो अधिकतर पौधे चिकनी मिट्टी में लगे हुए होते हैं ।पौधों को दूसरे गमले में लगाने से पहले चिकनी मिट्टी को थोड़ा हटा दें ताकि जड़ों का विकास हो सके परंतु ध्यान रहे कि उससे जड़ों को कोई हानि न पहुंचे ।क्योंकि चिकनी मिट्टी बहुत ही कठोर होती है और जड़ों को पूरी तरह से पकड़ लेते हैं तो उसे निकालना बहुत मुश्किल का काम हो जाता है ।कभी-कभी उसकी वजह से जडें टूट जाती है जिससे हमें बचना है उसके लिए हम एक तरीका अपना सकते हैं कि पहले पौधे को मिट्टी के साथ ही पानी के बर्तन में रखते 2 से 3 घंटे के लिए ।जब मिट्टी एकदम गीली हो जाएगी तब उसे आराम से निकाले और फिर दूसरे गमले में लगा दे।

5) पौधे लगाने के लिए अच्छी पानी निकासी वाला मिट्टी बनाना

जब भी पौधा लगाएं यह ध्यान रखें मिट्टी कैसे बनाएं गमले में से पानी पूरी तरह से निकल जाए इसके लिए अच्छे पानी निकासी वाले मिट्टी बनाए अगर गमले में पानी रुकेगा तो पौधे की जड़ गल जाएंगे खराब हो जाएंगे और पौधा मर जाएगा अच्छी जल निकासी वाला मिट्टी बनाने के लिए मिट्टी में रेत कोकोपीट या राइस हस्क जरूर मिलाएं।इससे मिट्टी नरम रहेगी और ड्रेनेज भी अच्छा रहेगा मिट्टी का ।

6) गमले को कैसे तैयार करें?

गमले में छेद करना बहुत जरूरी है ।बिना छेद किये गमले में भूलकर भी पौधा न लगाएं वरना आपका पौधा नही बच पायेगा ।गमले में छेद करना जरूरी है ताकि पानी निकल जाए अच्छे पानी निकासी के लिए गमले पर्याप्त मात्रा में छेद करना ना भूले गमले में छेद करने के बाद उस पर किसी भी पत्थर के पत्थर के टुकड़े रख दें ताकि मिट्टी से वो छेद बंद ना हो जाये और पानी की निकासी अच्छी बनी रहे

7) मिट्टी में पौधे लगते समय खाद की मात्रा

नर्सरी से जब पौधे ले आते हैं तो सोचते हैं खूब ज्यादा खाद पानी देने से पौधा जल्दी बढ़ेगा और जल्दी फल फूल देगा। परंतु ऐसा करना पौधों की सेहत के लिए अच्छा नहीं ।ज्यादा खाद पानी की वजह से पौधे खराब हो जाते हैं ।और अंततः मर जाते हैं। इसलिए उतनी ही मात्रा में खाद पानी दे जितना पौधों की जरूरत हो अगर पौधे बहुत छोटे हैं तो कोशिश करें खाद की मात्रा बहुत कम रखें ।बाद में धीरे-धीरे करके उन्हें खाद दें ।जैसे-जैसे पौधे बड़े होने लगे उनके हिसाब से उन्हें खाद पानी दे।

8) लगाने के बाद 4 से 5 दिन तक छाया में रखना

नर्सरी से लाए हुए पौधों को दूसरे गमले में लगाने के बाद कम से कम 1 हफ्ते तक पौधों को छाया में रखें, ताकि पौधे की पत्तियां और जडें सेट हो जाए मिट्टी में। और रिपोटिंग के शॉक से निकल जाए ।कभी कभी पौधे को गमले में लगाने के बाद पत्तियां लटक जाती है तो चिंता करने की कोई बात नहीं बस उसे कुछ दिनों तक छाया में ही रखें सही हो जाएगी। पानी का छिड़काव कर सकते हैं तो अच्छी बात है।

9) पानी कितनी मात्रा में दे

गमले में लगे पौधे पानी से ज्यादातर मरते हैं ज्यादा पानी पौधे के लिए कभी भी अच्छा नहीं होता है गमले में पौधों को पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी परत सूखने लगे ज्यादा पानी देने से पौधे की जड़ खराब हो जाएगी पौधा मर जाएगा।

10) गमला पौधे के साइज के अनुसार ही लेना

नर्सरी से जब आप पौधे लेकर आते हैं तो पौधों की साइज के अनुसार ही गमले का चयन करें कभी-कभी हम यह सोच कर की बड़ा होगा पौधा इसको ज्यादा जगह की जरूरत पडेगी इसलिए छोटे पर ही उस पौधे को बड़े गमले में लगा देते हैं। जब हम छोटे पौधे को बड़े गमले में रहते हैं तो पानी की मात्रा खाद की मात्रा उस गमले में ज्यादा होती है ।इस वजह से जब हम पानी देते हैं खाद देते हैं तो ज्यादा मात्रा में पानी डाल देते हैं उस गमले में इससे हमारे पौधे खराब होने लगते हैं ।इसलिए हमें कोशिश करनी चाहिए कि पौधों के अनुसार ही गमले का चयन करें पौधे खराब होने से बच जाएंगे

11) मिट्टी में antifungal पाउडर मिलना तो पौधे खराब नहीं होंगे

पौधों में किसी तरह का फंगस का डर है तो एंटीफंगल मिला सकते हैं मिट्टी में अगर एंटीफंगल घर मे ना हो तो आप घर की कुछ चीजों जैसे हल्दी दालचीनी फिटकरी या राख मिला सकते हैं।नीम के खली भी बहुत आछी होती पौधों के लिए और किसी भी फंगस से बचाती है पौधों को।

12) शाम के समय मे पौधे को लगाएं।

पौधे को जब भी दूसरे गमले में लगाये तो शाम के टाइम ही लगाए ताकि सुबह तक अपनी जड़ों को वो अच्छे से व्यवस्थित कर ले और पौधा मुरझाये या खराब ना हो ।

ये कुछ सावधानियां है जिनको आप अपना कर पौधों को मरने से बचा सकते है और इन्ही कारणों से पौधे नर्सरी से लाने के बाद खराब हो जाते हैं ।

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