magical health benefits of marigold | गेंदा के फूल के येअद्भुत फायदे आपको जरूर जानने चाहिए

गेंदा एक ऐसा फूल है जो १२ महीने हमरे देश में उपलब्ध होता है और सभी तीज त्यौहार पूजा पाठ में इसकी सजावट की जाती भगवान को चढ़ाया जाता है |गेंदे का फूल बाग-बगीचों, घर-आँगन और रास्तों के किनारे बहुतायत में उगता हुआ देखा जा सकता है। ये बाज़ार में भी काफी सस्ता बिकता है। भारत के अधिकांश राज्यों में इसके सुंदर फूलों के लिए खेती की जाती है| Carrot health benefits | gajar ke fayde aur aushadhiya gun in Hindi

अगर आपको फूलों का शौक है तो अब तक तो आपने अपने घर के गमलों में गेंदे के पौधे लगा लिए होंगे सजावट के साथ-साथ गेंदे के फूल का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों के इलाज में भी किया जाता है. गेंदे के फूल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्द से आराम दिलाने का काम करते हैं.rose health benefits and use|गुलाब के फूल के अद्भुत फायदे और उपयोग

कहा जाता है कि देवी-देवताओं को गेंदा के फूलों से काफी लगाव है। गेंदा का वानस्पतिक नाम टेजेटेस इरेक्टा है। वैसे आपको ये तो पता होगा कि गेंदे का इस्तेमाल सजावट और पूजा आदि के लिए किया जाता है, लेकिन ये बात शायद कम ही लोग जानते हैं कि गेंदे का इस्तेमाल गेंदे अनेक हर्बल नुस्खों के तौर पर भी किया जाता है। चलिए आज जानते हैं गेंदा से जुडे औषधीय नुस्खों के बारे में|गेंदे के फूल को गरीबों का केसर भी कहा जाता है.

गेंदा का स्वाद

Only one habbit keep you forever young | बस एक आदत जो रखे आपको हमेसा जवान

गेंदा स्वाद में कटु, कषाय, तिक्त, शीत, लघु, रूक्ष और कफ पित्तशामक होता है। 

गेंदा के फूल के नाम

ashwagandha health benefits

English name marigold

 Marigold (मैरीगोल्ड), अफ्रिकन मैरीगोल्ड (African marigold), बिग मैरी गोल्ड (Big marigold), फ्रएन्च मैरीगोल्ड (French marigold

paan khane ke fayde aur nuksaan

Sanskrit name marigold

 झण्डू, गणेरुक, स्थूलपुष्प

Hindi name marigold

गेंदा, गुल्तोरा, कलग, लालमुरुगा, हजारा, मखमली

गेंदा (Marigold or genga) के फूल के कई नाम हैं। देश भर में लोग गेंदा को गुल्तोरा, कलग, लालमुरुगा, हजारा, मखमली आदि नामों से भी जानते हैं।

गेंदा का वानस्पतिक नाम Tagetes erecta Linn. (टैगेटीज इरेक्टा) Syn-Tagetes excelsa Soule है, और यह Asteraceae (ऐस्टरेसी) कुल का है, गेंदा के अन्य ये भी नाम हैं

गेंदा के फूल के औषधीय गुण ( Medicinal Properties of Marigold )

अगर किसी को अल्सर की समस्या है तो गेंदे के फूल की चाय पीना उसके लिए विशेषतौर पर फायदेमंद रहेगा.आंखों की बीमारी, नाक से खून बहने पर और कान दर्द सहित सांसों से संबंधित बीमारियों में गेंदा फायदेमंद है। खांसी, हाथों-पैरों की त्वचा का फटने और चोट आने पर भी गेंदा का फूल फायदेमंद हैं।

गेंदे के फूल का इस्तेमाल एंटी-बायोटीक के रूप में किया जाता है

है.

गेंदे के फूल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो अल्सर और घाव को ठीक करने में मददगार होत…

झुर्रियों को दूर करे

उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की त्वचा की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं तथा नई कोशिकाएं बहुत कम मात्रा में बनती हैं। इससे त्वचा लटकने लगती है। इसका सबसे पहले असर चेहरे की त्वचा पर दिखाई देता है।

इसके तेल या क्रीम को झुर्रियों वाली त्वचा पर लगाने से झुर्रियां ख़तम हो जाती हैं। गेंदे के फूलों में फायटोकॉन्सटीटूएंट्स (phytoconstituents) होता है जो एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करता है।

गेंदा उत्तक के पुनः निर्माण में अच्छी भूमिका निभाता है, जिससे झुर्रियों से निजात मिल जाती है।

गेंदे का फूल एक बेहतरीन सौंदर्य उत्पाद है. ये त्वचा को लंबे समय तक जवान बनाए रखता

आपकी त्वचा पर मृत कोशिकाओं के कारण त्वचा के रोम छिद्र खुल जाते हैं और इसमें से निकलने वाला तेल धूल मिट्टी के साथ मिलकर चेहरे पर  मुहासे  निकलने का कारण बनता है। मुंहासों के कारण जलन और दर्द दोनों महसूस होते हैं। गेंदा का तेल दाग धब्बे के उपचार में फायदा करता है। इसमें एंटीफंगल के कारण दाग धब्बे को हटाने में मदद करता है। गेंदे का पानी से मुह चेहरा साफ़ करने से दाग धब्बे मुहासे चले जाते है |

आंखों की बीमारी में गेंदा के फूल के फायदे

गेंदा के पत्ते के रस को आंखों के बाहर चारों तरफ लगाने से भी आंखों के रोग में फायदा होता है।गेंदे के फूल में कई ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. जो आंखों से जुड़ी कई तरह की बीमारियों में फायदेमंद साबित होते हैं.

मस्सों को हटाने में मदद करता है

गेंदे के फूल से चेहरे पर होने वाले मस्से को बहुत ही आसानी से दूर किया जा सकता है। गेंदे के फूलों की पंखुड़ियों को पीस कर पेस्ट बना लें और इसे एक महीने तक लगातार मस्सों पर लगाइए । ऐसा करने से मस्सों से आसानी से निजात पा सकते हैं

नाक से खून बहने पर गेंदा के फूल के फायदे

नाक से खून बहने पर 1 से 2 बूंद गेंदा के पत्ते के रस को नाक में डालें। इससे नाक से खून बहना बंद हो जाता है।

घाव ठीक करने के लिए

गेंदे के फूल में एंटीफंगल एंटी बैक्टिरिअल गुण पाए जाते हैं वो छोटी-मोटी चोट या घाव को आसानी से ठीक कर सकते हैं। इसका पानी या पेस्ट से चोट के जल्दी ठीक होने और नए टिशूज लाने में मदद करता है। साथ ही स्किन इंफेक्शन होने का खतरा भी कम होता है।

कान के दर्द में गेंदा के फायदे

magical health benefits of marigold | गेंदा के फूल के येअद्भुत फायदे आपको जरूर जानने चाहिए

कान में दर्द में 2-2 बूंद गेंदा के पत्ते के रस को कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है।

स्तनों की सूजन में गेंदा का औषधीय गुण फायेदमंद

गेंदे के पत्तों को पीसकर स्तनों पर लगाएं। इसके साथ ही इससे सिकाई करने से स्तनों की सूजन कम होती है

बवासीर का इलाज

5-10 ग्राम गेंदा के फूल को घी में भूनकर दिन में तीन बार लें। इससे बवासीर में होने वाले रक्तस्राव या खूनी बवासीर में फायदा मिलता है।

10 ग्राम गेंदे के पत्ते और 2 ग्राम काली मिर्च को एक साथ पीस लें। इसे पीने से बवासीर में फायदा होता है।

5-10 ग्राम गेंदा के फूल के रस को दिन में दो तीन बार उपयोग करने से खूनी बवासीर में फायदा होता है।

गेंदा के औषधीय गुण से फोड़े-फून्सी का इलाज (Benefits of Marigold (Genda) to Treat Boils in Hindi)

गेंदे के पत्तों को पीसकर फोड़े-फून्सी और घाव पर लगाने से आराम होता है। बवासीर के मस्सों पर भी लगाने से आराम मिलता है।डायबिटीज में हिने वाले फोड़े-फुन्सी जो जल्दी ठीक नहीं होता उसमें भी लाभ होता है |

दांतों के दर्द में गेंदा के सेवन से लाभ

20-30 मिली गेंदा के पत्ते के काढ़ा को दिन में दो बार कुछ दिनों तक सेवन करें। इस काढ़ा से कुल्ला करने से दांतों के दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना: 

गेंदे के अर्क सामान्य सर्दी ,  फ्लू , खांसी, बुखार या गले में खराश के लक्षणों को रोकने करने में बेहद सहायक होते हैं । यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को एक महत्वपूर्ण स्तर तक बढ़ाता है।

गेंदा के पौधे से नुकसान (Marigold (Genda) Side Effects in Hindi)

गेंदा के फूल का अत्यधिक प्रयोग हानिकारक है। यह कामशक्ति को घटाता है।

यहां गेंदा के फायदे और नुकसान की जानकारी बहुत ही आसान भाषा में बताई गई है ताकि आप गेंदा के औषधीय गुण से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं, परन्तु किसी बीमारी के लिए गेंदा का सेवन करने या गेंदा का उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर सलाह लें।

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